प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम (एसआईआर) से पहले प्री एसआईआर में मतदाता सूची को शुद्ध बनाने के लिए व्यापक स्तर पर मैपिंग का कार्य तेजी से किया जा रहा है।

🌸अब तक लगभग 88 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग पूरी कर ली गई है।

अब मैपिंग के लिए 12 प्रतिशत मतदाता बचे हुए हैं। अभी तक विभिन्न प्रदेशों में हुई एसआईआर में यह बात सामने आई है कि छह से आठ प्रतिशत मतदाता ऐसे होते हैं जो या तो इस दुनिया में नहीं हैं अथवा जो दूसरे प्रदेशों में चले गए हैं। वास्तविक चुनौती उन करीब चार प्रतिशत मतदाताओं को लेकर सामने आ रही है, जिनकी स्थिति स्पष्ट नहीं है और जिन्हें चिह्नित करना आसान नहीं होगा।

🌸90 प्रतिशत मैपिंग पूरी

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प्रदेश में इस समय प्री एसआईआर के तहत मतदाताओं की मैपिंग का कार्य किया जा रहा है। इसके तहत बीएलओ घर-घर जाकर वर्ष 2003 की मतदाता सूची का मौजूदा मतदाता सूची के साथ मिलान करते हुए सत्यापन कर रहे हैं।

देहरादून और ऊधमसिंह नगर को छोड़ शेष सभी जिलों में 90 प्रतिशत मैपिंग का कार्य हो चुका है। इन दोनों जिलों में अब मैपिंग करते हुए खासी दिक्कतें आ रही हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय इसमें खासा जोर लगा रहा है लेकिन अपेक्षित परिणाम नहीं मिल पा रहे हैं। इन स्थानों पर वर्ष 2003 की मतदाता सूची में शामिल व्यक्तियों को खोजने में खासी परेशानी हो रही है। साथ ही कुछ नाम ऐसे हैं जिनकी मैपिंग नहीं हो पा रही है।

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मुख्य निर्वाचन अधिकारी डा बीवी पुरुषोत्तम का कहना है कि मैपिंग का कार्य लगातार चल रहा है। उन्होंने कहा कि यह संभावना जताई जा रही है कि तकरीबन तीन से चार प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग रह सकती है। इनके बारे में एसआईआर के दौरान स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।

🌸प्री-मैपिंग की जिलेवार स्थिति, प्रतिशत में

बागेश्वर- 100

चंपावत- 94.93

अल्मोड़ा- 94.47

रुद्रप्रयाग- 93,139

टिहरी – 93.06

उत्तरकाशी – 92.17

नैनीताल – 91.56

चमोली – 91.42

पिथौरागढ़ – 90.79

पौड़ी – 90.13

हरिद्वार – 90.00

यूएस नगर – 80.79

देहरादून – 79.25

कुल – 87.84 प्रतिशत

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