गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में अंग्रेजों के बनाए 150 वर्ष पुराने कानून खत्म कर तीन नए कानून लागू किए गए। वर्ष 2028 तक नए कानून पूरी तरह लागू हो जाएंगे।

इसके बाद थानों से सुप्रीम कोर्ट तक की न्यायिक प्रक्रिया तीन साल में पूरी होगी। पहले इसमें कई दशक तक लग जाते थे।

गृह मंत्री ने कहा कि अंग्रेजों ने अपनी हुकूमत लंबे समय तक चलाने के लिए अपने अनुकूल कानून बनाए थे। मोदी सरकार ने एक जुलाई 2024 को ये कानून समाप्त कर भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम लागू किए हैं। ये दुनिया की सबसे आधुनिक और वैज्ञानिक न्याय संहिताएं हैं। अब पीड़ित व्यक्ति को न्याय के लिए वर्षों तक भटकना नहीं पड़ेगा। उन्हें समय पर न्याय मिलेगा।

अंग्रेजों के बनाए कानूनों से कई बार न्याय मिलने में काफी देरी हो जाती थी। थाने में काेई व्यक्ति एफआइआर दर्ज कराएगा तो सु्प्रीम कोर्ट तक की न्यायिक प्रक्रिया तीन साल में खत्म हो जाएगी। कार्यक्रम के बाद गृहमंत्री ने नए कानूनों पर आधारित राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। उन्होंने अधिवक्ताओं, महिलाओं और युवाओं से प्रदर्शनी का अवलोकन करने का आह्वान किया।

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🌸नए कानूनों पर आधारित प्रदर्शनी में ये है खास

प्रदर्शनी में न्याय प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न चरणों और संस्थागत व्यवस्थाओं को दर्शाया गया है। इसमें घटना स्थल से साक्ष्य संकलन, मेडिको-लीगल रिपोर्टिंग कक्ष, पुलिस द्वारा सीसीटीएनएस प्रणाली के माध्यम से सूचना आदान-प्रदान, पोस्टमार्टम रिपोर्ट की प्रक्रिया, फोरेंसिक मेडिसिन एवं विष विज्ञान विभाग की भूमिका तथा विधि विज्ञान प्रयोगशालाओं में होने वाली वैज्ञानिक जांच को प्रदर्शित किया गया है।

इसके साथ ही फोरेंसिक जांच-न्यायपरक विज्ञान ही विधि का विधान” की अवधारणा को भी व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से समझाने का प्रयास किया गया है। प्रदर्शनी में लोक अभियोजन कार्यालय, जिला अभियोजन निदेशालय, वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत और जेल बैरकों के बीच होने वाली सुनवाई तथा आधुनिक न्यायिक प्रक्रियाओं को भी दर्शाया गया है। इससे आम नागरिकों को यह समझने में सहायता मिलेगी कि नई न्याय व्यवस्था किस प्रकार त्वरित और सुलभ न्याय की दिशा में कदम बढ़ा रही है।

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🌸अल्मोड़ा निवासी व्यक्ति की हुई पहली जीरो ई-एफआइआर

नए कानूनों के तहत अल्मोड़ा निवासी व्यक्ति ने पहली जीरो ई-एफआइआर दर्ज कराई। साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर काल करके उन्होंने साइबर ठगी की शिकायत कराई। गृहमंत्री ने ई-एफआइआर की प्रति कार्रवाई के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को सौंपी।

🌸प्रदर्शनी में दिखी चार साल की विकास गाथा

गृहमंत्री ने सरकार की विकासपरक उपलब्धियों पर आधारित प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया। अलग-अलग स्टाल पर जाकर प्रदर्शनी का अवलोकन किया। यह प्रदर्शनी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य में बीते चार वर्षों में किए गए विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं और लिए गए ऐतिहासिक निर्णयों पर आधारित है।

इसमें बुनियादी ढांचे का विकास, सड़क एवं संपर्क मार्गों का सुदृढ़ीकरण, स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, शिक्षा क्षेत्र में सुधार, निवेश प्रोत्साहन, पर्यटन विकास, धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण और सीमांत क्षेत्रों के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों को प्रमुखता से दर्शाया गया है।

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