UtterPradesh News:डर के मारे डेढ़ महीना छुपाई कुत्ते के काटने की बात, पिता की गोद में तड़प-तड़पकर हुई बच्चे की मौत

ख़बर शेयर करें -

गाजियाबाद में रेबीज इंफेक्शन से मौत का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जहां एक 14 साल के बच्चे को कुत्ते ने काट लिया, जिसके बाद उसके शरीर में इन्फेक्शन इतना बड़ गया कि उसकी हालत खराब हो गई। लाचार पिता उसे एंबुलेंस में लेकर दर-दर भटकते रहे लेकिन बड़े अस्पतालों ने भी हाथ खड़े कर दिए, इसके बाद बच्चे की दर्द से तड़प-तड़प कर जान चली गई।

🔹जाने मामला 

ये दर्दनाक घटना विजयनगर थाना क्षेत्र की चरण सिंह कॉलोनी की है, जहां रहने वाले याकूब मेहनत मजदूरी करके अपने परिवार का पालन पोषण करते हैं।उनका बेटा शावेज आठवीं क्लास का छात्र था।एक सितंबर को वो अचानक अजीबो-गरीब हरकतें करने लगा। उसने पानी देखने से ही डर लगने लगा, उसने खाना पीना बंद भी कर दिया था और कभी कभी वो कुत्ते के भौंकने जैसी आवाज भी निकलने लगा।

यह भी पढ़ें 👉  Uttrakhand News:महिला सशक्तिकरण की ओर बढ़ते कदम: विधानसभा सत्र में महिला आरक्षण पर चर्चा

🔹कुत्ते के काटने से हुआ इंफेक्शन

बच्चे की हालत देख परिवार वालों ने उसे डॉक्टर को दिखाया तो पता चला कि उसे कुछ समय पहले किसी कुत्ते ने काटा था।कुत्ते के काटने का इन्फेक्शन बच्चे के पूरे शरीर में फैल गया, जिसकी वजह से उसकी ये हालत हो गई।बच्चे को डेढ़ महीने पहले एक कुत्ते ने काट लिया था, बच्चे ने डर की वजह से घऱ में नहीं बताया, जिसके बाद उसके शरीर में इंफेक्शन हो गया।

🔹पिता की गोद में तड़प-तड़पकर तोड़ा दम

पीड़ित परिवार एंबुलेंस लेकर दिल्ली के जीटीबी और एम्स जैसे अस्पताल में बच्चे को लेकर गए लेकिन उसकी हालत देखकर डॉक्टरों ने भी जवाब दे दिया।इसके बाद एक नर्सिंग होम में बच्चे को भर्ती किया गया, जहां चार दिन उपचार चलने के बाद डॉक्टर ने स्थिति खराब बताते हुए परिवार वालों को बच्चे को वापस सौंप दिया।आखिर परिवार वालों को किसी ने बुलंदशहर में एक आयुर्वेदिक डॉक्टर के पास जाने की सलाह दी, जो कुत्ते के काटने का इलाज करते हैं। परिजन जब उस डॉक्टर के पास से बच्चे लेकर वापस आ रहे थे तो बच्चे ने पिता की गोद में ही दम तोड़ दिया।

यह भी पढ़ें 👉  Almora News:​अल्मोड़ा: नशे में धुत कार चालक ने तीन को रौंदा, एक की हालत गंभीर

🔹समय पर बता दिया होता तो बच जाता मासूम 

बच्चे के दादा ने बताया कि उनके मोहल्ले में कुछ कुत्ते हैं।जिसने मेरे पोते को काटा था, इन कुत्तों का मोहल्ले में लगातार आतंक देखने को मिल रहा है।ये कुत्ते खुले में रहते हैं कई और बच्चों को भी काट चुके हैं। बच्चे का इंफेक्शन फैलने के बाद उन्हें कहीं कोई इलाज नहीं मिला, जिसके बाद मंगलवार को बच्चे ने दर्द से तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया।अगर बच्चे ने समय से घर पर इसकी जानकारी दे दी होती तो मासूम की बच जाती जान।