Uttrakhand News: ऋषिकेश एम्स से ब्लड लेकर भेजा गया ड्रोन ट्रायल फेल, लैंडिंग के समय हुआ क्रैश

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एम्स ऋषिकेश से ब्लड कंपोनेंट लेकर कोटद्वार जा रहा ड्रोन रास्ते में क्रैश हो गया। यह परीक्षण तो असफल रहा, लेकिन इससे पहले ड्रोन से टिहरी और यमकेश्वर तक सफलतापूर्वक दवाएं पहुंचाई जा चुकी हैं।उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में ड्रोन के माध्यम से दवा पहुंचाने और ब्लड सैंपल मंगाने के लिए एम्स ऋषिकेश ट्रायल कर रहा है।

🔹ड्रोन को तेज हवाएं और खराब मौसम का सामना करना पड़ा

इसी कड़ी में सोमवार दोपहर 1245 बजे कोटद्वार बेस हॉस्पिटल तक ब्लड कंपोनेंट पहुंचाने के लिए एम्स से ड्रोन ने उड़ान भरी। ऋषिकेश से रवानगी अच्छी रही। टीम उत्साहित दिखी। कोटद्वार से 11 किमी पहले ड्रोन को तेज हवाएं और खराब मौसम का सामना करना पड़ा। हॉस्पिटल पहुंचने से पहले ड्रोन की आपात लैंडिंग करवानी पड़ी।

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🔹ड्रोन पेड़ से टकराकर क्षतिग्रस्त हो गया

वहीं कोटद्वार कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक मणिभूषण श्रीवास्तव ने बताया कि कलालघाटी क्षेत्र में एक फैक्ट्री के निकट ड्रोन यूकेलिप्टस के पेड़ से टकराकर नीचे गिरा और क्षतिग्रस्त हो गया। इसके बाद कोटद्वार बेस अस्पताल से ड्रोन को ऑपरेट कर रहे ड्रोन पायलट मौके पर पहुंचे।

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🔹तीसरा ट्रायल भी जो असफल रहा

एम्स की कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह ने कहा कि उत्तराखंड में पल-पल बदलते मौसम की वजह से कभी-कभी इस प्रकार की घटनाएं हो जाती हैं। जल्द फिर से ट्रायल किया जाएगा। इससे पहले 16 फरवरी को एम्स ऋषिकेश से ड्रोन से 36 किमी हवाई दूरी तय कर टिहरी दवा पहुंचाई गई थीं। दो मार्च को दूसरे सफल ट्रायल में ड्रोन ने यमकेश्वर (पौड़ी) के जुड्डा गांव तक दवा पहुंचाईं। यह तीसरा ट्रायल था, जो असफल रहा।