Lungs Bones Case:दो साल से सीने में था दर्द, बुजुर्ग के फेफड़े में अटकी मिली मुर्गी की हड्डी, जाने मामला

ख़बर शेयर करें -

अगर चिकन खा रहे हैं तो सावधानी से खाएं। गले में हड्‌डी अटकने की कहावत तो सुनी होगी। चिकन की हड्‌डी छाती में भी अटक सकती है। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से इसी प्रकार का एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। 85 साल के बुजुर्ग व्यक्ति के सीने में 2 साल पहले मुर्गे की हड्डी फंस गई। इस कारण उसे काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। चिकन की हड्डी लंग्स में फंसने के कारण 85 वर्षीय जगमल को पहले तो स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का समस्याओं का सामना करना पड़ा। जब सांस लेने में दिक्कत होने लगी तो एक निजी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। ऑपरेशन हुआ। हड्डी निकाली गई। उसके बाद से उन्हें राहत मिली। जगमल पिछले 2 साल से छाती में हड्डी फंसने से बीमार चल रहे थे।

🔹जगमल के सीने से मुर्गे की हड्डी निकाली गई।

यह भी पढ़ें 👉  Almora News:अल्मोड़ा से तय हुआ देश के विज्ञान केंद्रों का भविष्य: जारी हुआ ऐतिहासिक 'अल्मोड़ा घोषणा-पत्र'

बुजुर्ग की पहचान जगमल के रूप में हुई है। जगमल को पिछले दो सालों से सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। एनबीटी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जगमल के परिजन उन्हें लेकर अस्पताल पहुंचे। वहां उनके सीने की जांच की गई। जब रिपोर्ट सामने आई तब सब चौंक गए। जगमल के फेफड़े में मुर्गे की एक हड्डी दिखी। डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर हड्डी निकालने की सलाह दी। इसके बाद जगमल के सीने से मुर्गे की हड्डी निकाली गई।

यह भी पढ़ें 👉  Almora News:मेडिकल कॉलेजों में अब स्वास्थ्य सेवाओं का 'मानवीय चेहरा' बनेंगे सोशल वेलफेयर ऑफिसर; सरकार ने सौंपी बड़ी प्रबंधकीय और नीतिगत जिम्मेदारियां

🔹सफलतापूर्वक ऑपरेशन के बाद हर कोई है हैरान 

हालांकि तब बुजुर्ग को किसी भी तरह की कोई समस्या नहीं हुई थी। लेकिन धीरे-धीरे फेफड़े में हड्डी अटक जाने के चलते बुजुर्ग को काफी दिक्कतें होने लगीं। सांस लेने में परेशानी होने के साथ-साथ उन्हें खूब खांसी भी आती थी। करीब चौबीस महीने बुजुर्ग दर्द से कराहते रहे। अब डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर उनके सीने में अटकी हुई हड्डी बाहर निकाल दी है। सफलतापूर्वक ऑपरेशन के बाद बुजुर्ग जगमल को घर भेज दिया गया है।