रोमांच के शौक़ीनो लिए के अच्छी खबर, अब भागीरथी नदी में भी कर सकेंगे रिवर राफ्टिंग और कयाकिंग

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उत्तराखंड में लगातार एडवेंचर टूरिज्म में लोगों के बढ़ रहे रुझान को देखते हुए राज्य में साहसिक पर्यटन की नई संभावनाओं को तलाशा जा रहा है।जिसके तहत उत्तराखंड पर्यटन विभाग ने भागीरथी नदी में प्रसिद्ध पर्यटक स्थल हर्षिल से 15 किलोमीटर तक रिवर राफ्टिंग और कयाकिंग की अनुमति दे दी है। 

उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद से मिली जानकारी के अनुसार इस साल गंगोत्री की यात्रा करने वाले श्रद्धालु और पर्यटक भागीरथी नदी के किनारे मौजूद विश्व विख्यात खूबसूरत पर्यटक स्थल हर्षिल में रिवर राफ्टिंग का लुत्फ उठा सकते हैं. जोकि यात्रा के दौरान एक अतिरिक्त आकर्षण का केंद्र बनेगा।Uttarakhand Tourism Development Board से मिली जानकारी के अनुसार उत्तराखंड में रिवर राफ्टिंग से प्रदेश भर में पर्यटन के जरिए रोजगार के नये अवसर तलाशने का काम किया जा रहा है। 

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बता दें कि रिवर राफ्टिंग में उत्तराखंड वर्ल्ड क्लास डेस्टिनेशन की क्षमता रखता है।वहीं प्रदेश में मौजूद कई नदियों में इसकी असीम संभावनाएं हैं। उत्तराखंड के ऋषिकेश में दुनिया भर से लोग रिवर राफ्टिंग करने आते हैं।इसी के चलते उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद (UTDB) ने पिछले यानी अप्रैल में भागीरथी नदी में हर्षिल से आगे 15 किमी की दूरी तक के नदी क्षेत्र को रिवर राफ्टिंग और कयाकिंग एक्टिविटी के लिए मुफीद पाया है। जिसके चलते अब भागीरथी नदी में विश्व स्तरीय रिवर राफ्टिंग डेस्टिनेशन के रूप में बढ़ावा दिया जा रहा है। 

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उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी कर्नल अश्विनी पुण्डीर ने बताया कि पहली बार भागीरथी नदी में एक कंपनी ने सफलतापूर्वक पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को रिवर राफ्टिंग कराई है।साथ में उन्होंने यह भी कहा कि अब जल्द ही यहां के लोकल लोगों को रिवर राफ्टिंग व्यवसाय के लिए प्रेरित किया जाएगा। साथ ही उन्हें लाइसेंस देकर भागीरथी नदी में साहसिक पर्यटन से रोजगार सर्जन शुरू किया जायेगा।वहीं जल्द भागीरथी नदी के बाद प्रदेश की अन्य नदियों में भी टेक्निकल समिति जांच के बाद रिवर राफ्टिंग की अनुमति दी जाएगी।

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