Uttrakhand News:​ऋषिकेश: देश के पहले ग्लास ब्रिज ‘बजरंग सेतु’ पर सैर के लिए देनी होगी फीस, SOP को मिली हरी झंडी

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उत्तराखंड (Uttrakhand) की योग नगरी ऋषिकेश (Rishikesh) घूमने आने वाले पर्यटकों के लिए एक बड़ी और रोमांचक खबर है. दरअसल, ऐतिहासिक लक्ष्मण झूला के पास गंगा नदी पर बनकर तैयार हुए देश के पहले ग्लास फ्लोर केबल सस्पेंशन ब्रिज बजरंग सेतु पर अब पर्यटकों को शीशे की पारदर्शी वॉक वे पर चलने के लिए फीस देनी होगी.

उत्तराखंड सरकार ने लोक निर्माण विभाग (PWD) की ओर से तैयार की गई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) को हरी झंडी दे दी गई है. विभाग जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू करने जा रहा है, जिसके बाद नया शुल्क ढांचा लागू कर दिया जाएगा.

🌸कितना होगा टिकट का दाम?

बजरंग सेतु के किनारे बने शीशे वाले फुटपाथ का लुत्फ उठाने के लिए प्रशासन ने जो दरें तय की है. उसके मुताबिक प्रति वयस्क ₹100 चुकाने पड़ेंगे. इसके बदले पर्टयकों को वहीं 2 घंटे के तक दीदार करने का समय दिया जाएगा. वहीं, बच्चों के लिए यह फीस ₹50 तय की गई है. सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगभग 48 कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी, जो 3 शिफ्टों में काम करेंगे.

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🌸ग्लास वॉकवे की टाइमिंग और फ्री एंट्री के नियम

अगर आप बजरंग सेतु का दीदार करने की योजना बना रहे हैं, तो इसके समय और नियमों का ध्यान जरूर रखें. दरअसल, कांच वाले हिस्से पर पर्यटक सुबह 6:00 बजे से रात 10:00 बजे तक ही चल सकेंगे. हालांकि, पुल के बीच का कंक्रीट वाला मुख्य हिस्सा 24 घंटे और सातों दिन खुला रहेगा और इसके इस्तेमाल के लिए कोई शुल्क नहीं देना होगा.

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🌸बजरंग सेतु को ये बनाता है बेहद खास

ऋषिकेश का यह नया आकर्षण कई मायनों में भारत के बेहतरीन इंजीनियरिंग नमूनों में से एक है. यह देश का पहला ऐसा केबल सस्पेंशन ब्रिज है, जिसमें कांच का पारदर्शी स्काईवॉक बनाया गया है. यह पुल टिहरी गढ़वाल के तपोवन को पौड़ी गढ़वाल के जोंक क्षेत्र से जोड़ता है. लगभग ₹60 से ₹70 करोड़ की लागत से बने इस पुल की लंबाई 132 मीटर और चौड़ाई 8 मीटर है. इसके बीच में 5 मीटर चौड़ा स्टील डेक दोपहिया वाहनों की आवाजाही के लिए बनाया गया है. वहीं, सुरक्षा के लिहाज से दोनों ओर के स्काईवॉक में 12 मिमी मोटे टेम्पर्ड ग्लास की कई परतों का इस्तेमाल किया गया है, ताकि पर्यटकों की सुरक्षा पूरी तरह सुनिश्चित रहे.

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