Uttrakhand News :भारत पर्व के अवसर पर दिल्ली में लाल किले पर देखने को मिलेगी विकसित उत्तराखंड की झलक,उत्तराखंड की थीम पर झांकी होगी तैयार

ख़बर शेयर करें -

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Modi) ने अपनी यात्रा के दौरान केदारनाथ धाम से कहा था कि 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में प्रदेश की धामी सरकार (Dhami Govt) इस दिशा में कदम बढ़ा रही है।

सरकार ने वर्ष 2025 तक उत्तराखंड को श्रेष्ठ राज्यों की श्रेणी में लाने का संकल्प लिया है। इसी क्रम में राज्य की विकास यात्रा की झलक भारत पर्व (Bharat Parv) के अवसर पर 23 से 31 जनवरी तक दिल्ली में लाल किले (Red Fort Delhi) पर देखने को मिलेगी।

💠उत्तराखंड की थीम पर झांकी होगी तैयार

भारत पर्व के लिए राज्य की झांकी विकसित उत्तराखंड की थीम पर तैयार की जा रही है। दिल्ली में गणतंत्र दिवस परेड पर उत्तराखंड की झांकी का प्रदर्शन अगले वर्ष होगा। केंद्र सरकार ने दिल्ली में गणतंत्र दिवस परेड पर राज्यों की झांकी के प्रदर्शन के लिए वर्ष 2024 से 2026 तक की सूची निर्धारित की है।

यह भी पढ़ें 👉  Almora News :लम्बे समय से फरार वांरटी अभियुक्त को द्वाराहाट पुलिस ने इस्लामनगर,गदरपुर से किया गिरफ्तार

प्रति वर्ष 16-16 राज्य अपनी झांकी प्रदर्शित करेंगे। इस क्रम में उत्तराखंड का नंबर अगले वर्ष आएगा। अलबत्ता, इस वर्ष केंद्र सरकार ने उत्तराखंड के अलावा असोम, गोवा व कर्नाटक राज्यों के लिए उनकी झांकी का प्रदर्शन 23 से 31 जनवरी तक भारत पर्व के अवसर पर प्रदर्शित करने के निर्देश दिए हैं।

💠ग्रामीणों को मिल रहा रोजगार

इस कड़ी में इन दिनों उत्तराखंड की झांकी तैयार की जा रही है। भारत पर्व पर प्रदर्शित होने वाली उत्तराखंड की झांकी के अग्र भाग में पारंपरिक वेषभूषा में उत्तराखंड की महिला को स्वागत करते हुए दिखाया गया है।

यह भी पढ़ें 👉  Almora News :49,280 बच्चों को पिलाई जाएगी पोलियो ड्रॉप

साथ ही श्रीअन्न मंडुवा, झंगोरा, रामदाना व कौणी की खेती और राज्य पक्षी मोनाल को भी प्रदर्शित किया गया है। मध्य भाग में होम स्टे है, जिससे पर्वतीय क्षेत्र में बड़ी संख्या में ग्रामीणों को रोजगार मिल रहा है।

💠सरमोली पर्यटन गांव घोषित

केंद्र सरकार ने पिछले वर्ष राज्य के सरमोली गांव को सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव घोषित किया। साथ ही लखपति दीदी योजना से स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं। स्वयं सहायता समूहों में कार्य करते हुए स्थानीय महिलाओं और सुदूर पर्वतीय क्षेत्र में सौर ऊर्जा व मोबाइल टावर दिखाए गए हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *