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उत्तराखंड के मदरसों में अब छात्रों को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बारे में जानकारी दी जाएगी। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को देश के सैनिकों की बहादुरी और बलिदान के बारे में जागरूक करना है।

यह निर्णय उत्तराखंड मदरसा बोर्ड द्वारा लिया गया है। बोर्ड के अध्यक्ष ने बताया कि छात्रों को देश के गौरवमयी इतिहास और सैन्य साहस से अवगत कराना आवश्यक है।

🌸NCERT पाठ्यक्रम का कार्यान्वयन

मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष मुफ्ती शमून कासमी ने कहा कि अब मदरसों में एनसीईआरटी पाठ्यक्रम लागू किया गया है, जिससे छात्रों को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ा जा सकेगा। इस निर्णय के परिणामस्वरूप मदरसों में कई सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिले हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वे छात्रों को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की कहानी पढ़ाना चाहते हैं।

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🌸रक्षा मंत्री से मुलाकात

हाल ही में, मुफ्ती शमून कासमी ने दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की, जहां उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता पर उन्हें बधाई दी। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में कुल 451 मदरसे हैं, जिनमें लगभग 50,000 छात्र शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।

🌸वीरों की भूमि

कासमी ने आगे कहा कि उत्तराखंड वीर सैनिकों की भूमि है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में भारतीय सेना ने अद्वितीय साहस का प्रदर्शन किया है, जिसे पूरे देश में सराहा गया है। अब मदरसों के छात्रों को भी इस साहस और वीरता की कहानी सुनाई जाएगी।

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🌸समिति की बैठक की योजना

मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष ने कहा कि नए पाठ्यक्रम में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को एक अध्याय के रूप में शामिल किया जाएगा। इसके लिए पाठ्यक्रम समिति की बैठक जल्द ही आयोजित की जाएगी, जिसमें इस विषय को पाठ्यक्रम में जोड़ने का निर्णय लिया जाएगा।

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