Uttrakhand News :प्राथमिक शिक्षक भर्ती पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा, दो लाख अभ्यर्थियों को इंतजार

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उत्तराखंड में प्राथमिक शिक्षक भर्ती को लेकर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षक भर्ती पर निर्णय सुरक्षित रख लिया।

💠संभावना है कि आने वाले दिनों में निर्णय आ जाएगा।

राजकीय शिक्षक संघ ने इसकी पुष्टि की। उत्तराखंड में शिक्षक भर्ती का मामला पिछले कुछ समय से सुप्रीम कोर्ट में है। यही वजह है कि राज्य में शिक्षकों के विभिन्न खाली पदों पर भर्ती लटकी है। मामला एनआइओएस से डीएलएड को शिक्षक भर्ती में शामिल करने से जुड़ा है।

शासन ने 15 नवंबर 2021 को एनआइओएस से डीएलएड अभ्यर्थियों को शिक्षा विभाग में करीब 26 सौ पदों के लिए चल रही शिक्षक भर्ती में शामिल होने का आदेश दिया था। सरकार ने इस आदेश को कुछ ही समय बाद रद कर दिया था। इससे नाराज अभ्यर्थी हाई कोर्ट चले गए थे।

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💠हाई कोर्ट ने इस मामले में एनआइओएस से डीएलएड अभ्यर्थियों के पक्ष में निर्णय दिया था। 

हाई कोर्ट के इस निर्णय के विरुद्ध प्रदेश सरकार व बीएड अभ्यर्थी अलग-अलग सुप्रीम कोर्ट चले गए थे। इसी वर्ष जून में प्रदेश शिक्षा सचिव रविनाथ रमन ने इस मामले में जल्द सुनवाई के लिए शिक्षा निदेशक को सुप्रीम कोर्ट में प्रार्थना पत्र देने के निर्देश दिए थे। शासन की ओर से कहा गया था कि विद्यालयों में शिक्षक न होने की वजह से छात्र-छात्राओं के भविष्य पर इसका प्रतिकूल असर पड़ रहा है।

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उधर, राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के पूर्व प्रांतीय महामंत्री दिग्विजय सिंह चौहान ने बताया कि उत्तराखंड जैसे छोटे राज्य में प्राथमिक शिक्षकों के ढाई हजार से अधिक पद रिक्त होना गंभीर विषय है।

इससे नौनिहालों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। विशेषकर सुदूर ग्रामीण अंचल के बच्चे जो प्राथमिक विद्यालयों पर निर्भर हैं। आज सैंकड़ों प्राथमिक विद्यालय एकल शिक्षक के भरोसे संचालित किए जा रहे हैं। बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने निर्णय सुरक्षित रख लिया है। उम्मीद है कि आने वाले कुछ महीने में रुकी भर्ती प्रारंभ हो जाएगी।

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