Uttarakhand News:मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने दी प्रदेशवासियों को दी भाई दूज की बधाई, पहाड़ो में कुछ ऐसे मनाया जाता है यह त्यौहार

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शहर भर में आज भाई दूज का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। इस मौके पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को भाई दूज की बधाई दी है।

🔹पहाड़ो में ऐसे होता है भाईदूज 

बता दें कि उत्तराखंड में भाई दूज के पर्व को खास अंदाज में मनाया जाता है।यहां पर हर त्योहार को मनाने का अंदाज थोड़ा अलग है। इसकी मुख्य वजह यह है कि यहां पर खई जनजातियां रहती हैं। भाई दूज के साथ दिपावली के पर्व को भी उत्तराखंड में धूमधाम से मनाया जाता है।

🔹धान से बनाया जाता है चूड़ा 

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दिवाली के दो दिन बाद आने वाले भाई दूज के पर्व पर यहां धान से बने चूड़ा को पूजने की परंपरा है। यह परंपरा कई सालों से यहां चल रही है। उत्तराखंड की संस्कृति में यह यह परंपरा समाहित है। उत्तराखंड में चूड़ा बनाने के लिए पहले धान को भिगोया जाता है। इसे दिवाली से तीन दिन पहले भिगोया जाता है। गोवर्धन पूजा के दिन धान को ओखल से कूटा जाता है और इसे चूड़ा बनाया जाता है।

🔹खाने में होता है स्वादिष्ट 

भाई दूज के दिन चूड़ा को बहन भाई के सिर चढ़ाती है और उसकी खुशहाली और लंबी उम्र की कामना करती है। यही नहीं दिवाली के अगले दिन गोवर्धन पूजा के दिन उस ओखल की भी पूजा की जाती है जिससे धान को कूटकर चूड़ा बनाया जाता है।

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दिवाली से तीन रात पहले इस चूरे को भिगोया जाता है और इसके बाद इसे कढ़ाई में कुछ देर के लिए भूना जाता है। इसके बाद गरम करके इसे कूटा जाता है। इसे धान से चावल निकालने की पारंपरिक विधि के तौर पर जाना जाता है। भूनने की वजह से यह काफी स्वादिष्ट हो जाता है। जिसे लोग काफी पसंद करते हैं। 

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