Uttrakhand news :-देहरादून हारी सीटों पर बीजेपी की रणनीति तैयार, क्या नया रिकॉर्ड बनेगा 60 पार?

Uttrakhand news :-देहरादून हारी सीटों पर बीजेपी की रणनीति तैयार, क्या नया रिकॉर्ड बनेगा 60 पार?

 

2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी बीजेपी सरकार और संगठन दोनों स्तर पर एक्टिव मोड में नजर आ रही है। प्रदेश प्रभारी नितिन नबीन के निर्देश के बाद पार्टी ने मुख्यमंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री सहित सभी सांसदों को 2022 में हारी हुई विधानसभा सीटों का जिम्मा सौंप दिया है, जहां उन्हें चौबीस घंटे का प्रवास करना ही होगा। देखिए

 

 

कोर कमेटी के सदस्य को मिला हारी विधानसभा सीट का जिम्मा कमेटी सदस्यों को करना होगा विधानसभा में 24 घंटे प्रवास 22 विधानसभा चुनाव में 23 सीटें हारी थी बीजेपीवहीं ग्राफिक्स के जरिए देखिए कोर कमेटी के किस सदस्य को कौन-कौनसी विधानसभा सीट की जिम्मेदारी मिली है

 

 

सीएम धामी को मिली खटीमा विधानसभा की जिम्मेदारी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट संभालेंगे हल्द्वानी विधानसभा का जिम्मा सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत को भगवानपुर विधानसभा की जिम्मेदारी वही लोहाघाट विधानसभा की जिम्मेदारी सांसद अजय टम्टा को मिली अल्मोड़ा से राज्यमंत्री गोविन्द पिलखवाल, द्वारहाट से राज्यमंत्री शिव सिंह बिष्ट को दी गयी सांसद अनिल बलूनी को श्रीनगर का दिया गया जिम्मा सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह को यमुनोत्री विधानसभा की जिम्मेदारी नानकमत्ता विधानसभा की जिम्मेदारी सांसद अजय भट्ट के कंधों पर होगी

राज्यसभा सांसद नरेश बंसल चकराता विधानसभा देखंगेहरिद्वार ग्रामीण विधानसभा का जिम्मा राज्यसभा सांसद कल्पना सैनी को दिया गया पूर्व सीएम रमेश पोखरियाल निशंक लक्सर विधानसभा संभालेंगे वहीं पूर्व सीएम तीरथ सिंह रावत प्रतापनगर विधानसभा में रहेंगे

 

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मिशन 27 को लेकर बीजेपी ने जमीनी स्तर पर अपनी तैयारियों को धार देना शुरू कर दिया है। प्रदेश प्रभारी नितिन नबीन की हालिया तीन दिवसीय दौरे के दौरान बैठकों के बाद पार्टी ने मुख्यमंत्री के साथ ही सांसद, पूर्व मुख्यमंत्री सहित प्रदेश अध्यक्ष और को विधानसभाएं बांट दी हैं। जिसके तहत सभी को अब विधानसभा स्तर पर चौबीस घंटे का प्रवास करना होगा। स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें करनी होंगी और क्षेत्र की राजनीतिक और संगठनात्मक स्थिति का फीडबैक भी जुटाना होगा। वहीं भाजपा प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार से मिली जानकारी के मुताबिक हारी हुई 23 विधानसभा सीटों पर सभी लोकसभा और राज्यसभा सांसद और मुख्यमंत्री सहित प्रदेश अध्यक्ष के कोर कमेटी के जो बाकी सदस्य हैं, उनको हारी हुई विधानसभा में बांट दिया है। जिसके तहत सभी सदस्य विधानसभाओं में चौबीस घंटे का प्रवास करेंगे।

 

 

भारतीय जनता पार्टी उत्तराखंड ने एक विस्तृत कार्ययोजना बनाई है। जिस कार्ययोजना के निमित्त हमारे कोर ग्रुप के सभी माननीय सदस्य, जिसमें हमारे माननीय मुख्यमंत्री, माननीय पूर्व मुख्यमंत्री, माननीय प्रदेश अध्यक्ष, माननीय सांसद गण हैं। ऐसे इनको सभी एक एक विधानसभा में जो विधानसभा हम 2022 के चुनाव में नहीं जीत पाए थे, उन विधानसभाओं में 24 घंटे का प्रवास कार्यक्रम दिया गया है। बीजेपी के सभी विधायक दायित्वधारी भी अपनी अपनी विधानसभा के किसी क्षेत्र में चौबीस घंटे के प्रवास पर रहेंगे और यह सब होगा इसी जून के महीने में, लेकिन इस रणनीति के बावजूद भी भाजपा के लिए 60 पार का लक्ष्य हासिल करना इतना आसान नहीं रहने वाला। हालांकि इसको लेकर बीजेपी की माने तो संगठन ने आगामी चुनाव के मद्देनजर जो रणनीति तैयार की है उस आधार पर पार्टी 57 का रिकॉर्ड तोड़कर 60 पार के लक्ष्य को हासिल कर नया कीर्तिमान स्थापित करेगी।

 

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पार्टी संगठन की तरफ से जो जिम्मेदारी उन्हें मिली है … उस जिम्मेदारी का पूर्ण निर्वहन किया जाएगा । सीएम धामी ने कक्षा की कोशिश रहेगी की 2022 की जो कमियां थी उन कमियों को दूर करने का काम समय रहते हुए पूर्ण किया जाए।

 

 

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि भाजपा नेता भले ही जिम्मेदारियां बांट ले … लेकिन जनता भाजपा का चाल चरित्र देख चुकी है। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि भाजपा चुनाव की कितनी ही तैयारी कर ले … कांग्रेस चुनाव में अपनी रणनीति से जबाब देगी।

 

 

बीजेपी की रणनीति साफ है 2027 के चुनाव से पहले हर विधानसभा में संगठन और सरकार के हाथ को मजबूत कर और सक्रिय बनाना। साथ ही स्थानीय मुद्दों की पहचान करना और चुनावी तैयारियों को वक्त रहते मजबूत धार देना पार्टी का फोकस है, लेकिन सवाल यहां यह भी खड़ा होता है कि क्या बीजेपी इस रणनीति के साथ सात 60 पार के लक्ष्य को हासिल कर पाएगी, क्या पार्टी 2017 में अपना ही 57 विधानसभा सीटों का रिकॉर्ड तोड़ने में कामयाब हो पाएगा, यह तो आने वाला बताएगा बताया।

 

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