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शर्मनाक! कलयुगी मां ने ही रचा था बेटी का सौदा, पुलिस ने मुजफ्फरनगर से बरामद की नाबालिग; 4 गिरफ्तार

 

​देहरादून पुलिस का बड़ा खुलासा: अपहरण नहीं, डेढ़ लाख में मां ने बेची थी अपनी ही नाबालिग बेटी

 

 

​पैसे के लालच में मां बनी हैवान: बकाया रकम न मिलने पर गढ़ी अपहरण की झूठी कहानी, 4 अभियुक्त पुलिस की गिरफ्त में

 

 

देहरादून (उत्तराखंड): राजधानी देहरादून में रिश्तों को तार-तार कर देने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक मां ने ही अपनी नाबालिग बेटी का सौदा कर डाला। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) देहरादून के नेतृत्व में दून पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए इस पूरे फर्जी अपहरण कांड का पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने घटना में शामिल कलयुगी मां समेत कुल चार अभियुक्तों को उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के अलग-अलग ठिकानों से गिरफ्तार कर लिया है।

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​📌 क्या है पूरा मामला?
​मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने बताया कि पीड़िता की मां ने अपनी ही नाबालिग बेटी का सौदा विवाह के नाम पर ₹2 लाख में तय किया था। इसमें से ₹1.5 लाख की रकम भी तय हो चुकी थी। हालांकि, जब सौदे की पूरी रकम मां को नहीं मिली, तो उसने कानून और पुलिस को गुमराह करने के लिए बेटी के अपहरण की झूठी कहानी गढ़ डाली और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

 

 

 

​🚨 पुलिस की कार्रवाई और बरामदगी
​एसएसपी के निर्देशों पर जब पुलिस की विशेष टीम ने मामले की छानबीन शुरू की और घटना से जुड़ी हर कड़ी को जोड़ा, तो परत-दर-परत सच सामने आता गया। पुलिस ने जब जांच की तह तक पहुंचकर दबिश दी, तो अपहृत नाबालिग युवती को मुजफ्फरनगर (उत्तर प्रदेश) से सकुशल बरामद कर लिया गया।

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​पुलिस का बयान: “मामले की जांच में सामने आया कि पीड़िता की सगी मां ही इस पूरे आपराधिक षड्यंत्र की मुख्य सूत्रधार थी। सौदे के पैसे न मिलने पर उसने अपहरण का नाटक रचा था। गिरफ्तार अभियुक्तों की निशानदेही पर पीड़िता को बरामद कर लिया गया है और सभी चार आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।”
​इस सफल खुलासे के बाद दून पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना हो रही है, वहीं घटना ने समाज में मानवीय रिश्तों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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