National News :क्रिप्टो करेंसी एप के माध्यम से ठगी करने वाला आरोपी गिरफ्तार, कई लोगों के आधार कार्ड व पेन कार्ड भी ठगी के लिए किए उपयोग

0
ख़बर शेयर करें -

क्रिप्टो करेंसी एप के माध्यम से उज्जैन के फाइनेंशियल एडवाइजर से दो लाख रुपये की ठगी करने के आरोपित शाहबाज को राज्य साइबर सेल ने गिरफ्तार किया है। मामले में पुलिस जुलाई में दो चचेरे भाइयों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।

आरोपितों ने खरीदार से ही आर्डर निरस्त करवा लिया और उसके रुपये वापस नहीं किए थे। बाइनेंस एप के लूपहोल का उपयोग कर वारदात को अंजाम दिया था। आरोपितों के कब्जे से कई लोगों के आधार व पेन कार्ड मिले हैं।

💠पुलिस ने बताया कि गौरव लालवानी निवासी सी 21 माल, रेसिडशियल काम्पलेक्स फाइनेंशियल एडवाइजर है।

लालवानी ने राज्य साइबर सेल से मार्च में शिकायत की थी कि वह बाइनेंस एप पर दो लाख रुपये के क्रिप्टो करंसी यूएसडीटी क्वाइन खरीद रहा था। बाइनेंस एप पर आर्डर करने पर उसे एक विक्रेता मिला था, जिसने उसे अपना अकाउंट नंबर दिया था। लालवानी ने अकांउट में दो लाख रुपये ट्रांसफर करवा दिए थे।

यह भी पढ़ें 👉  Almora News:“ऑपरेशन प्रहार” में लमगड़ा पुलिस की सख्ती, बिना सत्यापन मजदूर रखने पर 01 ठेकेदारों पर हुआ 5 हजार रुपये नगद चालान

राशि ट्रांसफर करने के बाद लालवानी से एक संबंधित व्यक्ति ने फोन कर कहा कि जो क्रिप्टो करंसी आपको बेचना थी, वह ब्लाक हो गई है। आप अपना आर्डर निरस्त कर दीजिए, मैं आपके दो लाख रुपये वापस कर रहा हूं। लालवानी ने अपना आर्डर निरस्त कर दिया। इसके बाद न तो उसके पास दो लाख रुपये वापस आए और न ही क्रिप्टो करंसी मिली। इस पर पुलिस को शिकायत की गई थी।

💠कई शहरों फरारी काटी

राज्य साइबर सेल ने केस दर्ज कर 23 वर्षीय जय पुत्र जितेंद्र पोपट निवासी नाहरपारा, रायपुर छत्तीसगढ़ व यश पुत्र राजेश पोपट निवासी सिविल लाइन, मनेन्द्रगढ़ जिला एमसीबी छत्तीसगढ़ को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मामले में शाहबाज पुत्र जाकिर हुसैन निवासी नाहरपारा, रायपुर छत्तीसगढ़ फरार चल रहा था। पुलिस कई बार उसकी तलाश में छापे मार चुकी थी। आरोपित ने भोपाल, इंदौर, जबलपुर, अनूपपूर व अन्य जगहों पर फरारी काटी थी।

यह भी पढ़ें 👉  Almora News:अल्मोड़ा: औषधि प्रशासन की छापेमारी, एक मेडिकल स्टोर का लाइसेंस निलंबित करने की संस्तुति, दो में खरीद-बिक्री पर रोक

💠युवक ने कई लोगों के आधार कार्ड व पेन कार्ड भी ठगी के लिए उपयोग किए.

आरोपित ने बताया कि महंगे शौक पूरे करने के लिए व आसान तरीके से रुपये कमाने के लिए गिरोह में शामिल हुआ था। आरोपित अपने आधार कार्ड पेन कार्ड, वन टाइम पासवर्ड का उपयोग कर बायनेंस अकाउंट बनाकर गिरोह के अन्य सदस्य को देता था, जिससे वो ठगी करते थे। इसके बाद उसे रुपये मिलते थे। युवक ने कई लोगों के आधार कार्ड व पेन कार्ड भी ठगी के लिए उपयोग किए हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *