मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने को रामनगर और अल्मोड़ा वन प्रभाग की संयुक्त कार्रवाई: मोहान क्षेत्र में ड्रोन और 15 ट्रैप कैमरों से निगरानी, 4 पिंजरे तैनात
मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने को रामनगर और अल्मोड़ा वन प्रभाग की संयुक्त कार्रवाई: मोहान क्षेत्र में ड्रोन और 15 ट्रैप कैमरों से निगरानी, 4 पिंजरे तैनात
सुलतानपुर/मोहान/रानीखेत। वन विभाग द्वारा मानव-वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम, वन्यजीवों की निगरानी, गश्त, रेस्क्यू और जन-जागरूकता के लिए मोहान वन क्षेत्र में एक व्यापक अभियान शुरू किया गया है। उप प्रभागीय वनाधिकारी रानीखेत के नेतृत्व में क्षेत्र के ग्राम सभा डबरा सौराल, ग्राम सभा तड़म तथा काठ की नाव क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए चार विशेष टीमों का गठन किया गया है, जो लगातार क्षेत्र में कैम्प कर गश्त कर रही हैं।
अत्याधुनिक उपकरणों और कैमरों से हो रही निगरानी
क्षेत्र में वन्यजीवों की गतिविधि पर नजर रखने और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वन विभाग आधुनिक तकनीक और संसाधनों का सहारा ले रहा है:
निगरानी तंत्र: क्षेत्र में 15 ट्रैप कैमरे और 02 ड्रोन कैमरों के जरिए लगातार 24 घंटे निगरानी की जा रही है।
सुरक्षा उपकरण: गश्ती टीमों को 04 एनाइडर, 04 फॉक्स लाइट, राइफल और गांधी बंदूक जैसे सुरक्षा उपकरणों से लैस किया गया है।
पिंजरे स्थापित: वन्यजीव को सुरक्षित पकड़ने के लिए प्रभावित क्षेत्रों में 04 पिंजरे लगाए गए हैं।
कई प्रभागों की टीमें और कॉर्बेट के विशेषज्ञ मैदान में
अभियान को प्रभावी बनाने के लिए रामनगर वन प्रभाग, कालागढ़ टाइगर रिजर्व तथा अल्मोड़ा वन प्रभाग की रानीखेत, जौरासी, द्वाराहाट और अल्मोड़ा रेंज की संयुक्त टीमें मौके पर कैम्प कर सहयोग प्रदान कर रही हैं। वन्यजीवों के सुरक्षित रेस्क्यू के लिए कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की विशेषज्ञ टीम की विशेष मदद ली जा रही है।
जागरूकता अभियान पर जोर
गश्त और निगरानी के साथ-साथ वन विभाग की टीमें स्थानीय ग्रामीणों को जागरूक करने में जुटी हैं। क्षेत्र में जगह-जगह जागरूकता पोस्टर लगाए जा रहे हैं और प्रचार-प्रसार कर ग्रामीणों को जंगल के पास अकेले न जाने, समूह में निकलने और सतर्कता बरतने की सलाह दी जा रही है। वन अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।