डॉ. ओ. पी. यादव IACTS के प्रेसिडेंट-इलेक्ट निर्वाचित, 2028-29 में संभालेंगे कमान
डॉ. ओ. पी. यादव IACTS के प्रेसिडेंट-इलेक्ट निर्वाचित, 2028-29 में संभालेंगे कमान
नेशनल हार्ट इंस्टीट्यूट के चेयरमैन को मुंबई में आयोजित वार्षिक सम्मेलन में चुना गया अध्यक्ष
विशेष संवाददाता | नई दिल्ली
नेशनल हार्ट इंस्टीट्यूट (NHI) के चेयरमैन, सीईओ एवं वरिष्ठ कार्डियोवैस्कुलर-थोरेसिक सर्जन डॉ. ओ. पी. यादव को ‘इंडियन एसोसिएशन ऑफ कार्डियोवैस्कुलर-थोरेसिक सर्जन्स’ (IACTS) का प्रेसिडेंट-इलेक्ट चुना गया है। वे वर्ष 2028–2029 के कार्यकाल के लिए एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष का पदभार संभालेंगे। उनका निर्वाचन मुंबई में आयोजित IACTS के वार्षिक सम्मेलन और आम सभा (AGM) के दौरान सर्वसम्मति से हुआ।
IACTS देश में कार्डियोवैस्कुलर, थोरेसिक और वैस्कुलर सर्जनों की सर्वोच्च राष्ट्रीय संस्था है, जो उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाओं, चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और नई तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए कार्य करती है।
तीन दशकों का अनुभव और सर्वोच्च पुरस्कार से सम्मानित
देश के शीर्ष हृदय शल्य चिकित्सकों में शुमार डॉ. ओ. पी. यादव का इस क्षेत्र में 30 से अधिक वर्षों का वृहद अनुभव है। जटिल व उच्च जोखिम वाली हार्ट सर्जरी और आधुनिक शल्य तकनीकों में उनके योगदान को देखते हुए उन्हें भारत के चिकित्सा क्षेत्र के सर्वोच्च सम्मान ‘डॉ. बी. सी. रॉय राष्ट्रीय पुरस्कार’ से भी नवाजा जा चुका है। इसके अलावा, वे इंडियन जर्नल ऑफ थोरैसिक एंड कार्डियोवैस्कुलर सर्जरी के प्रधान संपादक भी रह चुके हैं।
युवा सर्जनों के मार्गदर्शन और सुरक्षित इलाज पर रहेगा जोर
अपनी इस उपलब्धि पर डॉ. ओ. पी. यादव ने आभार व्यक्त करते हुए कहा:
“IACTS के सदस्यों द्वारा मुझ पर जताया गया विश्वास सम्मानजनक है। मेरी प्राथमिकता चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के साथ-साथ युवा सर्जनों का सही मार्गदर्शन करना होगी। हमारा प्रयास रहेगा कि देश के हर कोने में गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित कार्डियोवैस्कुलर शल्य चिकित्सा सहजता से उपलब्ध हो सके।”
डॉ. यादव के चयन पर नेशनल हार्ट इंस्टीट्यूट परिवार ने उन्हें बधाई दी और उम्मीद जताई कि उनके नेतृत्व में देश में कार्डियोवैस्कुलर एवं थोरेसिक सर्जरी के क्षेत्र को एक नई दिशा मिलेगी।