सफलता के बाद बोले इनोवेटर रवि टम्टा: “जिम्मेदारियों और दबाव के कारण परीक्षण के तुरंत बाद मीडिया से बात नहीं कर पाया, पूरे देश को बधाई”:- देखिये वीडियो क्या कहा
सफलता के बाद बोले इनोवेटर रवि टम्टा: “जिम्मेदारियों और दबाव के कारण परीक्षण के तुरंत बाद मीडिया से बात नहीं कर पाया, पूरे देश को बधाई”:- देखिये वीडियो क्या कहा
अल्मोड़ा/देहरादून: उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के युवा इनोवेटर रवि टम्टा ने अपने स्वदेशी सिंगल-सीटर इलेक्ट्रिक फ्लाइंग व्हीकल/फ्लाइंग कार (HAPIDA SKYNeX) के सफल परीक्षण (6 अगस्त/7 अगस्त) के बाद सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी बात रखी है।
सोशल मीडिया पर जारी वीडियो संदेश में रवि टम्टा ने बताया कि फ्लाइंग टेस्ट के दौरान सुरक्षा, तकनीकी व्यवस्थाओं और भारी जनसैलाब को संभालने का बड़ा दबाव उन पर था, जिस वजह से वह उड़ान के तुरंत बाद मीडिया के सामने विस्तृत बातचीत नहीं कर पाए थे।
वीडियो में रवि टम्टा के वक्तव्य के प्रमुख बिंदु:
- सफल फ्लाइंग टेस्ट: > “6 अगस्त को हमने HAPIDA SKYNeX प्रोटोटाइप का फ्लाइंग टेस्ट सफलतापूर्वक पूरा किया। प्रोटोटाइप ने हवा में बेहद शानदार और सुरक्षित उड़ान भरी।”
- मीडिया के सामने तुरंत न आ पाने की वजह: > “फाइनल टेस्टिंग के समय मुझ पर काफी दबाव था और जिम्मेदारियां बहुत बढ़ गई थीं। लगातार फोन कॉल्स आ रहे थे और लोग वाहन को देखने पहुंच रहे थे। टेक्निकल प्रिपरेशन, सेफ्टी और ग्राउंड अरेंजमेंट्स सब कुछ अकेले मैनेज करना पड़ रहा था। इसी वजह से सफल फ्लाइट के तुरंत बाद मैं मीडिया के सामने अपनी बात सही तरीके से नहीं रख सका।”
- देशवासियों को दी बधाई: > “अब अल्मोड़ा प्रशासन व्यवस्था संभाल रहा है और मुझे समय मिला है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए मैं सबसे पहले पूरे भारत को बहुत-बहुत बधाई देना चाहता हूँ।”
- चुनौतियों और परिस्थितियों को सामने लाने का वादा: > “सबने फ्लाइंग कार को हवा में उड़ते हुए देखा है और काफी वीडियोस भी देखी हैं, लेकिन इसे बनाने के पीछे किन परिस्थितियों और संघर्षों का सामना करना पड़ा, वह सब मैं जल्द ही आप लोगों के सामने रखूँगा।”
मेहनत और संघर्ष की एक झलक
देश-प्रदेश से मिल रही हैं बधाइयां
रवि टम्टा (संस्थापक, Hapida Sky Private Limited) द्वारा तैयार किए गए इस ‘पर्सनल फ्लाइंग व्हीकल’ के सफल परीक्षण की सराहना मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू अजय टम्टा केंद्रीय सड़क परिवहन राज्य मंत्री सहित कई हस्तियों ने की है। रवि का मानना है कि यह तकनीक भविष्य में पहाड़ी क्षेत्रों में आपातकालीन सेवाओं, आपदा प्रबंधन और यात्रा के समय को 90 मिनट से घटाकर मात्र 10-15 मिनट करने में क्रांतिकारी भूमिका निभाएगी।