Almora News:अब सर्दी में भी धधकने लगे अल्मोड़ा के जंगल, यहां लाखों की वन संपदा जलकर हुई राख

0
ख़बर शेयर करें -

गर्मियों में जलने वाले जंगल शीतकाल में ही धधकने लगे हैं। हवालबाग विकासखंड के नजदीक नाकोट का जंगल रात भर धधकते रहे। जाड़ों में जंगल की भीषण आग को देखकर हर कोई चकित रह गया। आग के कारण अमूल्य वन संपदा राख हो गई।वन विभाग को आग लगने की भनक तक नहीं लग सकी।

🔹चीड़ के कई पेड़ जलकर राख 

हवालबाग के नजदीक नाकोट के जंगल में बीते मंगलवार आग लग गई। पूरी रात जंगल सुलगता रहा और आग की लपटें उठती रहीं, लेकिन वन विभाग घटना से अंजान रहा। देखते ही देखते जंगल के आधे हेक्टेयर दायरे को आग ने अपनी चपेट में ले लिया। इससे लाखों की वन संपदा जलकर राख हो गई। चीड़ के कई पेड़ धराशायी हो गए।

यह भी पढ़ें 👉  Almora News:आईजी कुमाऊं रेंज के निर्देशन में अल्मोड़ा पुलिस द्वारा करियर मार्गदर्शन गोष्ठी का आयोजन, बच्चों को मिले सफलता के मंत्र मिशन संवाद” के तहत पुलिस परिवार के बच्चों हेतु पुलिस लाइन अल्मोड़ा में करियर काउंसलिंग गोष्ठी हुई आयोजित

🔹लोगो की सेहत पर बुरा प्रभाव पड़ रहा

सुबह के समय खुद ही आग बुझने से स्थानीय लोगों और वन विभाग ने राहत की सांस ली। वहीं जंगलों से उठने वाला धुंआ आबादी में पहुंच गया, इससे लोगों को दिक्कत झेलनी पड़ी। ठंड के मौसम में जंगलों से आबादी से पहुंचने वाले धुएं से बच्चों और बुजुर्गों की सेहत पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। 

🔹छह हेक्टेयर से अधिक जंगल चढ़ा आग की भेंट

जाड़ों में जंगलों में आग लगने से वन विभाग भी चिंतित है। वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक अराजक तत्व जान-बूझकर जंगलों में आग लगा रहे हैं। जाड़ों में अक्तूबर से दिसंबर महीने में अब तक जंगलों में आग लगने की 13 घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इनमें छह हेक्टेयर से अधिक जंगल जल गया है।

यह भी पढ़ें 👉  Big Breking :uttrakhand STF ने दबोचा संदिग्ध आतंकी, पाकिस्तानी नेटवर्क से था संपर्क

🔹कंट्रोल बर्निंग भी कर रहा है वन विभाग

अल्मोड़ा के जंगलों को आग से सुरक्षित बचाने के लिए वन विभाग जगह-जगह कंट्रोल बर्निंग भी कर रहा है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक सड़कों, रास्तों के दोनों किनारों पर बिखरे पिरूल और अन्य झाड़ियों को जलाया जा रहा है, ताकि जंगलों में आग फैलने से रोका जा सके। घटना की जानकारी नहीं है। हमारी टीम जगह-जगह कंट्रोल बर्निंग भी कर रही है। घटना की जानकारी ली जाएगी-मोहन राम आर्या, रेंजर, अल्मोड़ा।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *