Almora News:राष्ट्र नीति संगठन के बैनर तले चले 44 दिवसीय जनआंदोलन की ऐतिहासिक जीत कोसी नदी पर पुल निर्माण हेतु ₹6 करोड़ का टेंडर जारी

0
ख़बर शेयर करें -

खूंट–धामस–सेनार–चाण–रौन डाल (अल्मोड़ा)
ग्राम पंचायत खूंट, धामस, सेनार, चाण एवं रौन डाल क्षेत्र में कोसी नदी पर पुल निर्माण की वर्षों पुरानी मांग आखिरकार पूरी हो गई है। राष्ट्र नीति संगठन के बैनर तले क्षेत्रीय जनता द्वारा चलाए गए 44 दिवसीय शांतिपूर्ण जनआंदोलन के बाद सरकार ने इस महत्वपूर्ण जनसमस्या को स्वीकार करते हुए करीब ₹6 करोड़ की लागत से कोसी नदी पर पुल निर्माण तथा लगभग 1.5 किलोमीटर रेट रोड व नगरीकरण कार्य हेतु टेंडर जारी कर दिया है।

इस जनआंदोलन का नेतृत्व नैनीताल हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता एडवोकेट विनोद चंद्र तिवारी ने किया, जिन्होंने राष्ट्र नीति संगठन के माध्यम से 44 दिनों तक लगातार धरना देकर सरकार का ध्यान इस ज्वलंत जनसमस्या की ओर आकर्षित किया। आंदोलन पूरी तरह लोकतांत्रिक, शांतिपूर्ण और जनहितकारी रहा।

यह भी पढ़ें 👉  Uttrakhand News:खटीमा की बेटी तिला सैन ने रचा इतिहास: माउंट एवरेस्ट फतह कर उत्तराखंड का नाम किया रोशन

आंदोलन में मदन सिंह बिष्ट, पूरन सिंह, नंदन सिंह एवं सुरेश चंद्र तिवारी प्रमुख आंदोलनकारी रहे। राष्ट्र नीति संगठन के बैनर तले स्थानीय ग्रामीणों की व्यापक भागीदारी और एकजुटता इस संघर्ष की सबसे बड़ी ताकत बनी।

टेंडर जारी होने के बाद क्षेत्र में खुशी का माहौल है। स्थानीय लोगों ने इस जनहितकारी निर्णय के लिए माननीय मुख्यमंत्री जी का आभार व्यक्त किया है तथा विशेष रूप से रघुनाथ सिंह चौहान जी के सहयोग और सकारात्मक भूमिका के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया है। साथ ही सभी ग्रामीण और मीडिया कर्मियों का भी आभार व्यक्ति क्या है जिन्होंने बढ़-चढ़कर इस खबर को दिखाया था और आगे प्रचारित प्रसारित किया था।

यह भी पढ़ें 👉  Intresting News:देवभूमि की दिव्य धरोहर: क्यों बेहद खास हैं अल्मोड़ा के ये 4 ऐतिहासिक मंदिर?

कोसी नदी पर बनने वाला यह पुल क्षेत्र के लिए जीवनरेखा साबित होगा, जिससे

ग्रामीणों की आवाजाही सुगम होगी

छात्रों की शिक्षा

मरीजों की आपात चिकित्सा सेवाएं

कृषि, व्यापार एवं समग्र क्षेत्रीय विकास
को नई गति मिलेगी।यह आंदोलन राष्ट्र नीति संगठन के माध्यम से यह संदेश देता है कि संगठित, शांतिपूर्ण और जनहित आधारित जनसंघर्ष से सरकार तक जनभावनाओं को प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सकता है।

— समाप्त —

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *