त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की अगली कड़ी में जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुख का चुनाव 14 अगस्त को होगा। राज्य निर्वाचन आयोग ने बृहस्पतिवार को चुनाव की अधिसूचना जारी कर दी। राज्य निर्वाचन आयुक्त सुशील कुमार की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक, जिला पंचायत सदस्यों और ब्लॉक प्रमुख के लिए 11 अगस्त को नामांकन होगा।

इसी दिन नामांकन पत्रों की जांच होगी। 12 अगस्त को नामांकन वापसी का मौका मिलेगा। 14 अगस्त को सुबह 10 बजे से दोपहर तीन बजे के बीच मतदान और मतदान समाप्ति के तुरंत बाद मतगणना शुरू होगी।

इस अधिसूचना के साथ ही राज्य के 12 जिलों में आचार संहिता लागू हो गई है जो मतगणना संपन्न होने के साथ ही खत्म हो जाएगी। बृहस्पतिवार को ही सभी जिलाधिकारियों के स्तर से इसकी अधिसूचना जारी हुई है। इसके तहत क्षेत्र पंचायतों में ब्लॉक प्रमुख, उप प्रमुख, कनिष्ठ उप प्रमुख के पदों के लिए मतदान होगा जबकि जिला पंचायतों में जिला पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष के पदों के लिए चुनाव होगा।
राष्ट्रपति चुनाव की तरह यह चुनाव एकल संक्रमणीय पद्धति से होता है। जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव जिला पंचायत सदस्य और क्षेत्र पंचायत प्रमुख का चुनाव क्षेत्र पंचायत सदस्य करते हैं। मतदान के दिन सभी सदस्यों को बैलेट पेपर मिलेगा, जिसमें संबंधित प्रत्याशियों के नाम होंगे। मतदान में इन नामों के आगे प्रथम, द्वितीय, तृतीय वरीयता अंकित करनी होती है। मतगणना में रद्द किए गए मतपत्र अलग करने के बाद सबसे पहले प्रथम वरीयता वाले मतपत्र गिने जाते हैं। यदि किसी जिला पंचायत में कुल 38 पद हैं तो उनमें से प्रथम वरीयता में ही आधे से एक ज्यादा यानी 20 मत प्राप्त करने वाले प्रत्याशी को विजेता घोषित किया जाता है। यदि प्रथम वरीयता की मतगणना में किसी को इतने मत नहीं मिलते हैं तो अंतिम स्थान वाले प्रत्याशी को हटाकर उसके मतों को द्वितीय वरीयता वाले मतों में शामिल कर लिया जाता है। जब तक किसी को आधे से एक अधिक मत नहीं मिल जाते, तब तक यह प्रक्रिया चलती रहती है।

🌸जिला पंचायत अध्यक्षों का आरक्षण जारी

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अनंतिम अधिसूचना पर आपत्तियों के निपटारे के बाद बुधवार को पंचायती राज विभाग ने 12 जिलों में जिला पंचायत अध्यक्ष पदों का अंतिम आरक्षण जारी किया था। इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ। पंचायती राज विभाग ने पहली बार पंचायतों में ओबीसी आरक्षण के लिए गठित एकल सदस्यीय समर्पित आयोग की सिफारिशें लागू की हैं। इस हिसाब से ग्राम पंचायत के प्रधान से लेकर जिला पंचायत तक पदों का आरक्षण निर्धारित किया गया था। सचिव पंचायती राज चंद्रेश कुमार ने एक अगस्त को अनंतिम अधिसूचना जारी करते हुए इस पर आपत्तियां मांगी थीं। दो से पांच अगस्त के बीच प्रदेशभर से 42 आपत्तियां आईं। देहरादून से सर्वाधिक आपत्तियां थीं, जिनका निपटारा मंगलवार को समिति ने किया था। बुधवार को सचिव पंचायती राज ने अंतिम आरक्षण जारी कर दिया। अब इसके हिसाब से ही राज्य निर्वाचन आयोग चुनाव कराएगा।

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🌸जिला पंचायत अध्यक्ष आरक्षण की स्थिति

जिला

पद

उत्तरकाशी

अनारक्षित

टिहरी

महिला

पौड़ी

महिला

रुद्रप्रयाग

महिला

चमोली

अनारक्षित

देहरादून

महिला

यूएस नगर

अन्य पिछड़ा वर्ग

नैनीताल

अनारक्षित

अल्मोड़ा

महिला

चंपावत

अनारक्षित

बागेश्वर

अनुसूचित जाति महिला

पिथौरागढ़

अनुसूचित जाति

 

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