जय गोल्ज्यू महोत्सव–2026: लोक संस्कृति और संगीत के अद्भुत संगम के साथ सांस्कृतिक संध्या संपन्न
जय गोल्ज्यू महोत्सव–2026: लोक संस्कृति और संगीत के अद्भुत संगम के साथ सांस्कृतिक संध्या संपन्न
अल्मोड़ा ऐतिहासिक मल्ला महल (पुराना कलेक्ट्रेट) अल्मोड़ा में आयोजित सात दिवसीय ‘जय गोल्ज्यू महोत्सव–2026’ के अंतर्गत 26 अक्टूबर को सांस्कृतिक संध्या का भव्य आयोजन किया गया। इस दौरान देश के विभिन्न राज्यों की लोक संस्कृतियों, पारंपरिक लोककलाओं और मधुर संगीत का अद्भुत संगम देखने को मिला, जिसने दर्शकों और श्रद्धालुओं का मन मोह लिया।
चंद्रवंशीय राजाओं की ऐतिहासिक राजधानी मल्ला महल में सजे इस मंच ने उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के साथ-साथ देश की ‘विविधता में एकता’ की भावना को सजीव कर दिया।
विभिन्न राज्यों की लोक संस्कृतियों की मनमोहक प्रस्तुतियां
सांस्कृतिक संध्या का मुख्य आकर्षण देश के विभिन्न प्रांतों से आए कलाकारों की प्रस्तुतियां रहीं। कार्यक्रम में उत्तराखंड के अलावा गुजरात, हिमाचल प्रदेश, असम, हरियाणा और मध्य प्रदेश के कलाकारों ने अपने पारंपरिक लोकनृत्यों, लोककलाओं और रंग-बिरंगी वेशभूषा के जरिए भारतीय संस्कृति की विविधता और समृद्धि को एक ही मंच पर बखूबी प्रदर्शित किया।
लोकगायकों के गीतों ने बांधा समां
कार्यक्रम के दौरान सुप्रसिद्ध लोकगायक ज्योति कोहली और कैलाश कुमार ने अपनी सुरीली आवाज़ और शानदार गीतों की प्रस्तुति से पूरे माहौल को संगीतबद्ध कर दिया। उनकी मनमोहक गायकी ने महोत्सव की रौनक को चार चांद लगा दिए और उपस्थित दर्शकों को लोक संस्कृति के रंगों में सराबोर कर दिया।
नई पीढ़ी को जड़ों से जोड़ने का माध्यम
आयोजन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि ‘जय गोल्ज्यू महोत्सव’ केवल एक सांस्कृतिक आयोजन भर नहीं है, बल्कि यह हमारी ऐतिहासिक विरासत, लोक परंपराओं और सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित करने का एक अहम जरिया है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और पारंपरिक संस्कृति से जोड़ने के साथ-साथ अन्य राज्यों की सांस्कृतिक विशेषताओं को समझने और उनका सम्मान करने का अवसर देते हैं। मल्ला महल जैसे गौरवशाली स्थल पर इस तरह के आयोजन अल्मोड़ा की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहे हैं।
इस भव्य आयोजन के माध्यम से अल्मोड़ा की संस्कृति को जन-जन तक पहुंचाने और विभिन्न संस्कृतियों को एक मंच पर लाने के लिए प्रसिद्ध रंगकर्मी एवं ‘संस्कार कला ग्रुप’ से जुड़े श्री प्रकाश बिष्ट और उनकी पूरी टीम को विशेष रूप से बधाई और आभार दिया गया।
गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अल्मोड़ा के विभाग प्रचारक आदरणीय कमल जी तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला प्रचारक आदरणीय वीरेंद्र जी ने शिरकत की।
इस अवसर पर अल्मोड़ा-बागेश्वर जिला सहकारी बैंक की अध्यक्ष श्रीमती मिली लटवाल, जिला शासकीय अधिवक्ता श्री पंकज लटवाल, श्री पूरन कैड़ा, जिला कार्यवाह श्री जगदीश नेगी, श्री राजेश बिष्ट, श्रीमती वसुधा पंत, ताकुला के ज्येष्ठ प्रमुख श्री राजेन्द्र सिंह कैड़ा, श्री धरम सिंह बिष्ट, श्रीमती राधा बिष्ट, श्री लियाकत अली खान, श्री राम अवतार, श्री तरुण वर्मा, पार्षद श्रीमती बीना नयाल, श्री जगत तिवारी, श्री गिरीश धवन, श्री जय सहगल, श्री नमन गुरुरानी, और श्री भास्कर गोस्वामी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक और संस्कृति प्रेमी उपस्थित रहे।
यह महोत्सव अल्मोड़ा की गौरवशाली पहचान को सुदृढ़ करने के साथ-साथ उत्तराखंड की लोक परंपराओं के संरक्षण की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो रहा है।
