Uttrakhand News:ED का शिकंजा: पूर्व सीएम हरीश रावत के PA के घर ED का छापा, नकदी व सोना बरामद

0
ख़बर शेयर करें -

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को कहा कि उसने उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के निजी सहायक (पीए) के परिसर में छापेमारी की। यह छापेमारी धनशोधन की जांच के सिलसिले में की गई, जो राज्य सेवा चयन आयोग द्वारा 2016 में आयोजित एक परीक्षा में कथित अनियमितताओं से संबंधित है।

ईडी ने एक बयान में कहा कि बृहस्पतिवार को चंदन सिंह जीना के परिसरों में की गई छापेमारी में 32 लाख रुपये नकद और एक दर्जन महंगी घड़ियां जब्त की गईं। जीना वर्तमान में रावत के निजी सहायक हैं और इससे पहले 2014-17 के दौरान कांग्रेस नेता (रावत) के मुख्यमंत्री पद पर रहने के दौरान वह विशेष कार्य अधिकारी (ओएसडी) थे। ईडी ने बताया कि देहरादून में कई जगहों पर छापेमारी की गई। इनमें उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के पूर्व अध्यक्ष, सचिव और परीक्षा नियंत्रक, ‘ओएमआर शीट’ की ‘प्रोसेसिंग’ करने वाली निजी कंप्यूटर एजेंसी के मालिक और कुछ कथित बिचौलियों के ठिकाने शामिल हैं।

यह भी पढ़ें 👉  Uttrakhand Weather Update:​उत्तराखंड में बारिश और लैंडस्लाइड से जनजीवन बेहाल, 10 से 12 सितंबर तक भारी बारिश का अलर्ट

 

जीना या रावत की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत दर्ज ईडी का मामला, आयोग द्वारा 2016 में आयोजित ग्राम पंचायत विकास अधिकारी परीक्षा में कथित अनियमितताओं के संबंध में उत्तराखंड पुलिस और सतर्कता ब्यूरो द्वारा दर्ज चार प्राथमिकी से संबंधित है। एजेंसी का दावा है कि ‘ओएमआर आंसर शीट’ को आयोग के संरक्षण से हटाकर उसके तत्कालीन सचिव के निजी आवास पर भेज दिया गया था। सचिव के आवास पर, अधूरी भरी हुई ‘ओएमआर शीट’ के रोल नंबर लिखे जाते थे और उन्हें निजी कंप्यूटर-एजेंसी के कर्मचारियों को सौंप दिया जाता था।

 

ये कर्मचारी बिचौलियों के जरिये मिलने वाली अवैध रकम के बदले, ‘आंसर बबल’ (गोला) को धोखाधड़ी से भरने और उनमें बदलाव करने के बाद ओएमआर शीट को फिर से सील कर देते थे। एजेंसी के मुताबिक, जीना के आवासीय परिसर की तलाशी में 32 लाख रुपये नकद, लगभग 200.5 ग्राम वजन के सोने के सिक्के और चेन, तथा रोलेक्स, राडो, पियाजे, मोवाडो, टिसोट और कैसियो एडिफिस जैसे कई लग्जरी ब्रांड की 12 महंगी घड़ियां बरामद हुईं। ईडी ने कहा कि जीना और उनके परिवार के सदस्यों के बैंक खातों से लेन-देन पर रोक लगा दी गई, जिनमें 52.16 लाख रुपये जमा थे। ईडी के अनुसार, फोरेंसिक जांच के लिए उनका मोबाइल फोन जब्त कर लिया गया। एजेंसी ने दावा किया, ”जांच के दौरान पता चला कि उन्होंने काफी मात्रा में नकद राशि खर्च की है, जिसका कोई स्पष्ट स्रोत नहीं है। बरामदगी और नकद राशि के तौर पर किये गए खर्च, उनकी आय के ज्ञात स्रोतों से मेल नहीं खाते हैं।” ईडी ने कहा कि आयोग के पूर्व अधिकारियों और उनसे जुड़े लोगों से सोने के गहनों के साथ-साथ बेहिसाबी नकदी भी बरामद की गई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *