धारचूला-तवाघाट NH पर पहाड़ से गिरे बोल्डर, कूलागाड पुल हुआ क्षतिग्रस्त
धारचूला-तवाघाट NH पर पहाड़ से गिरे बोल्डर, कूलागाड पुल हुआ क्षतिग्रस्त
सीमांत क्षेत्र में यातायात ठप; BRO युद्धस्तर पर जुटा, आज शाम तक वैकल्पिक मार्ग (डायवर्जन) तैयार करने का दावा
विशेष संवाददाता धारचूला (पिथौरागढ़), 19 अगस्त।
धारचूला-तवाघाट राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) पर बुधवार को एक बड़ा हादसा सामने आया। क्षेत्र में अचानक पहाड़ी से भारी मात्रा में पत्थर और बोल्डर गिरने के कारण कूलागाड स्थित पुल क्षतिग्रस्त हो गया। पुल को भारी नुकसान पहुँचने से इस अति-संवेदनशील और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मोटर मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई है।
पुल क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिलते ही सीमा सड़क संगठन (BRO) के अधिकारी और तकनीकी टीम भारी मशीनरियों के साथ तत्काल मौके पर पहुँचे। मार्ग बंद होने से सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे स्थानीय निवासियों के साथ-साथ उच्च हिमालयी क्षेत्रों की ओर जाने वाले यात्रियों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
BRO जुटा राहत कार्य में
मामले की गंभीरता को देखते हुए BRO की ओर से त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी गई है। BRO अधिकारियों ने अवगत कराया कि क्षतिग्रस्त पुल के स्थान पर यातायात को अस्थायी रूप से बहाल करने के लिए डायवर्जन का निर्माण कार्य युद्धस्तर पर जारी है।BRO अधिकारियों का बयान: “पहाड़ से गिरे भारी बोल्डरों के कारण कूलागाड पुल को क्षति पहुँची है। हमारी टीमें मौके पर मुस्तैद हैं और मलबे को हटाने के साथ ही डायवर्जन बनाने का काम तेजी से किया जा रहा है। आज शाम तक डायवर्जन तैयार कर लिया जाएगा, जिसके बाद आपातकालीन व आवश्यक सेवाओं के लिए वाहनों की आवाजाही शुरू करा दी जाएगी।”
रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है यह मार्ग
धारचूला-तवाघाट मोटर मार्ग न केवल स्थानीय ग्रामीणों की जीवनरेखा है, बल्कि भारत-चीन सीमा को जोड़ने के कारण सैन्य और सामरिक दृष्टिकोण से भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस मार्ग पर पुल के क्षतिग्रस्त होने से सीमांत घाटियों का संपर्क तहसील मुख्यालय से कट गया है। प्रशासन भी लगातार BRO के संपर्क में है ताकि यातायात जल्द से जल्द बहाल हो सके।