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बदहाली की मार: आजादी के 75 साल बाद भी डोली के सहारे मरीज, हिपा गांव में सड़क न बनने से जनता में भारी आक्रोश

गंगोलीहाट (बेरीनाग): उत्तराखंड विधानसभा सीट 45-गंगोलीहाट के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत ‘हिपा’ के ग्रामीण आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। डिजिटल इंडिया और विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच, हिपा गांव से एक ऐसी दर्दनाक तस्वीर सामने आई है जो व्यवस्था के दावों की पोल खोलती है। हाल ही में अस्पताल से डिस्चार्ज होकर घर लौट रही एक 75 वर्षीय बुजुर्ग महिला को परिजनों और ग्रामीणों को मीलों पैदल डोली (कंडी) में लादकर अपने गांव हिपा तक पहुंचाना पड़ा।

 

 

 

सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे क्षेत्रीय विधायक फकीर राम टमटा और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है।

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प्रेमनगर से हिपा रोड: टेंडर तक नहीं, जनता ठगा हुआ महसूस कर रही

स्थानीय निवासियों का कहना है कि प्रेमनगर से हिपा तक सड़क निर्माण की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन शासन-प्रशासन के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही। ग्रामीणों का आरोप है:

 

 

 

  • अधूरी घोषणाएं: कई बार आश्वासनों के बावजूद अभी तक प्रेमनगर से हिपा रोड का टेंडर तक नहीं डाला गया है।
  • चुनाव नजदीक, विकास गायब: 2027 के विधानसभा चुनाव अब मुहाने पर हैं, लेकिन धरातल (ग्राउंड) पर हिपा ग्राम पंचायत के लोग आज भी सड़क देखने को तरस रहे हैं।
  • टूटा जनता का भरोसा: ग्रामीणों का साफ कहना है कि प्रतिनिधियों ने जनता का भरोसा तोड़ दिया है। ऐसे में आगामी चुनावों में वे किस आधार पर वोट मांगने आएंगे?“हमारा गांव हर तरफ से उपेक्षित है। आसपास के सभी क्षेत्रों में सड़कें पहुंच चुकी हैं, लेकिन हिपा गांव के लोग आज भी अपनों को डोली में लादकर अस्पताल ले जाने को मजबूर हैं।”  आक्रोशित ग्रामीण

 

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ग्रामीणों ने इस वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए प्रदेश सरकार और प्रशासन से गुहार लगाई है कि जल्द से जल्द सड़क का टेंडर जारी कर निर्माण कार्य शुरू कराया जाए, ताकि भविष्य में किसी अन्य बुजुर्ग या मरीज को इस तरह डोली का सहारा न लेना पड़े।

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