Almora News:11 दिनों तक सजेगा संस्कृति का मंच, कुमाऊं महोत्सव में दिखेगी लोक परंपराओं की झलक

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11 दिनों तक सजेगा संस्कृति का मंच, कुमाऊं महोत्सव में दिखेगी लोक परंपराओं की झलक

अल्मोड़ा। देवभूमि उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान को सहेजने और नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने के उद्देश्य से आयोजित होने वाला कुमाऊं महोत्सव 2026 इस बार और भी भव्य रूप में आयोजित किया जा रहा है। 20 जून से 30 जून तक जीआईसी ग्राउंड अल्मोड़ा में होने वाले इस महोत्सव में लोक संस्कृति, संगीत, कला, साहित्य और स्थानीय प्रतिभाओं का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।

महोत्सव की तैयारियों को लेकर आयोजित प्रेस वार्ता में आयोजकों ने कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि इस वर्ष आयोजन में स्थानीय कलाकारों, युवाओं और महिलाओं की सहभागिता को विशेष महत्व दिया गया है।

मुख्य संयोजक हरीश कनवाल ने बताया कि महोत्सव के दौरान प्रतिदिन विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। ओपन माइक, बैंड प्रतियोगिता, नृत्य प्रतियोगिता, कवि सम्मेलन, सांस्कृतिक संध्या, महिला मंगल दलों की प्रस्तुतियां और स्टार नाइट जैसे कार्यक्रम लोगों के आकर्षण का केंद्र होंगे। उन्होंने कहा कि आयोजन का उद्देश्य केवल मनोरंजन करना नहीं बल्कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित और प्रोत्साहित करना भी है।

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अध्यक्ष राजेंद्र तिवारी ने कहा कि बच्चों और युवाओं को मंच प्रदान करना महोत्सव की सबसे बड़ी विशेषता है। उन्होंने कहा कि जब नई पीढ़ी अपनी संस्कृति से जुड़ेगी तभी लोक परंपराएं सुरक्षित रह पाएंगी। इसी सोच के साथ प्रतिभा खोज कार्यक्रमों और प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है।

प्रेस वार्ता में मौजूद सांस्कृतिक संयोजक देवेंद्र भट्ट रिक्की ने बताया कि महोत्सव में लोक कलाकारों के साथ-साथ प्रसिद्ध कलाकार भी अपनी प्रस्तुतियां देंगे। इससे स्थानीय कलाकारों को सीखने और आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।

आयोजकों ने बताया कि इस बार हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। स्थानीय कारीगरों, स्वयं सहायता समूहों और व्यापारियों को स्टॉल आवंटन में प्राथमिकता दी जा रही है। इससे स्थानीय उत्पादों को बाजार मिलेगा और स्वरोजगार को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

कार्यक्रम प्रभारी हर्षिता तिवारी और शगुन त्यागी ने कहा कि महिलाओं और युवतियों की सहभागिता बढ़ाने के लिए भी कई विशेष गतिविधियां रखी गई हैं। महिला उपाध्यक्ष प्रतिभा भट्ट ने कहा कि सांस्कृतिक आयोजनों में महिलाओं की भूमिका हमेशा महत्वपूर्ण रही है और महोत्सव इस परंपरा को आगे बढ़ाने का कार्य करेगा।

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मीडिया प्रभारी प्रदीप मेहता ने बताया कि महोत्सव की प्रत्येक गतिविधि को व्यापक स्तर पर प्रचारित किया जाएगा ताकि अधिक से अधिक लोग इसमें शामिल हो सकें। वहीं उप सचिव अनिरुद्ध पाण्डेय ने आयोजन को सफल बनाने में जुटी टीम की तैयारियों की जानकारी दी।

प्रेस वार्ता के अंत में आयोजकों ने जिलाधिकारी, जिला प्रशासन और नगर निगम अल्मोड़ा का सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। साथ ही आम जनता से महोत्सव में बढ़-चढ़कर भागीदारी करने की अपील की गई।

कुमाऊं महोत्सव 2026 न केवल मनोरंजन का मंच होगा बल्कि यह उत्तराखंड की सांस्कृतिक अस्मिता, लोक परंपराओं और स्थानीय प्रतिभाओं के उत्सव के रूप में भी यादगार साबित होने जा रहा है।

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