ख़बर शेयर करें -

हरिद्वार को छोड़ राज्य के शेष 12 जिलों में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव मई के आखिर में हो सकते हैं। सरकार इसी हिसाब से तैयारी कर रही है। इसी कड़ी में पंचायतों में ओबीसी आरक्षण के नए सिरे से निर्धारण और दो बच्चों की शर्त की कट आफ डेट परिभाषित करने के लिए पंचायती राज अधिनियम में संशोधन के दृष्टिगत अध्यादेश लाने को कैबिनेट ने अनुमोदन दे दिया है।

अध्यादेश को राजभवन से हरी झंडी मिलने के बाद पंचायतों में ओबीसी आरक्षण तय किया जाएगा। पंचायतीराज सचिव चंद्रेश कुमार ने इसकी पुष्टि की। उन्होंने कहा कि सरकार मई में चुनाव कराने को तैयार है।

हरिद्वार जिले में पंचायत चुनाव उत्तर प्रदेश के साथ होते हैं। राज्य गठन के बाद से ही यह परिपाटी चली आ रही है। शेष 12 जिलों में पंचायतों का कार्यकाल खत्म होने के बाद गत वर्ष दिसंबर में इन्हें प्रशासकों के हवाले कर दिया गया था। इस बीच ग्राम पंचायतों के पुनर्गठन, परिसीमन, निर्वाचन क्षेत्रों का परिसीमन व मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण का कार्य पूर्ण कराया जा चुका है।

यह भी पढ़ें 👉  Almora News:नारी सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम,निःशुल्क सिलाई कढ़ाई प्रशिक्षण केन्द्र का शुभारंभ,उम्मीद फाउंडेशन की पहल से महिलाओं को मिलेगा आत्मनिर्भर बनने का अवसर

ओबीसी आरक्षण का नए सिरे से हो रहा निर्धारण

सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार पंचायतों में ओबीसी आरक्षण का नए सिरे से निर्धारण होना है। इस संबंध में गठित एकल समर्पित आयोग अपनी रिपोर्ट शासन को सौंप चुका है।

अब इसके लिए पंचायतीराज अधिनियम में संशोधन किया जाना है। इसके लिए अध्यादेश लाने के प्रस्ताव को कैबिनेट ने अनुमोदित कर दिया है। पंचायतों में ओबीसी आरक्षण की पूर्व में तय 14 प्रतिशत की सीमा समाप्त कर दी गई है।

यह भी पढ़ें 👉  Uttrakhand News:लिपुलेख विवाद: नेपाल की आपत्ति पर भारत का कड़ा जवाब, कहा- 'कृत्रिम विस्तार स्वीकार्य नहीं'

आरक्षण का निर्धारण वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर होगा और यह किसी भी दशा में 50 प्रतिशत से अधिक नहीं होगा। साफ किया गया है कि यदि किसी पंचायत में अनुसूचित जाति, जनजाति का आरक्षण 50 प्रतिशत होगा तो वहां ओबीसी को आरक्षण नहीं मिलेगा।

अध्यादेश में पंचायत चुनाव में दो बच्चों की शर्त के मामले में कट आफ डेट भी परिभाषित की गई है। साफ किया गया है कि 25 जुलाई 2019 से पहले जिनके दो से अधिक बच्चे होंगे, वे चुनाव लड़ सकेंगे। इस तिथि के बाद बच्चा होने पर वे चुनाव नहीं लड़ पाएंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *