Almora News :अब सोबन सिंह जीना परिसर के विद्यार्थी ड्रोन तकनीक में होंगे पारंगत,शोध कार्यों को मिलेगा बढ़ावा

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अल्मोड़ा। सोबन सिंह जीना परिसर के विद्यार्थी अब ड्रोन तकनीक में पारंगत होंगे। ड्रोन तकनीकी के पाठ्यक्रम में शामिल होने से शोध कार्यों को बढ़ावा मिलेगा। जल रहे जंगल, बाढ़, कृषि भूमि, नदियों का जल स्तर आदि आंकड़ों को जुटाना इस तकनीक से आसान होगा।

वन, आपदा प्रबंधन, कृषि, सिंचाई सहित अन्य विभागों को भी इसका लाभ मिलेगा।

एसएसजे विश्वविद्यालय की पहल पर अल्मोड़ा परिसर के जीआईएस एंड रिमोट सेंसिंग विभाग के पाठ्यक्रम में ड्रोन तकनीक शामिल होगी। विवि प्रबंधन के मुताबिक बंजर भूमि, कृषि भूमि, सूखी नहरों, नदियों को जलस्तर, प्राकृतिक जल स्रोतों के आंकड़े इस तकनीक के जरिए आसानी से जुटाए जा सकेंगे। यह तकनीक पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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💠इन संस्थानों में रोजगार के खुलेंगे द्वार

ड्रोन तकनीक का प्रशिक्षण लेकर विद्यार्थी स्वास्थ्य, कृषि, रक्षा मंत्रालय, गृह मंत्रालय, आवास और शहरी मामले, खनन, परिवहन, पर्यावरण, सूचना, प्रसारण आदि क्षेत्रों में रोजगार से जुड़ सकेंगे।

💠यह भी सिखाया जाएगा

विश्वविद्यालय प्रबंधन के मुताबिक विद्यार्थी एग्री ड्रोन, वीडियोग्राफी, मैपिंग एंड सर्वे, सर्विलांस ड्रोन, सोलर पैनल क्लिनिंग ड्रोन आदि का अध्ययन करेंगे।सीड ड्रॉपिंग ड्रोन, फायर फाइटिंग ड्रोन, माइनिंग एंड टनल इंस्पेक्शन ड्रोन, पाइप लाइन इंस्पेक्शन एंड गैस लीक डिटेक्शन ड्रोन, पॉल्यूशन कंट्रोल एंड मॉनिटरिंग ड्रोन, वेयरहाउस मैनेजमेंट, आइपीपीओ-डिलिवरी और ड्रोन टैक्सी एंड मेडिकल एंबुलेंस ड्रोन की बारीकियां भी सीखेंगे।

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एसएसजे परिसर में संचालित जीआईएस एंड रिमोट सेंसिंग पाठ्यक्रम में ड्रोन तकनीक को शामिल किया जाएगा। इस तकनीक के जरिये विभिन्न आंकड़े भी एकत्रित किए जाएंगे। -प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट, कुलपति, एसएसजे विवि, अल्मोड़ा।

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