Almora News:उपनल कर्मचारियों का कार्यबहिष्कार,दफ्तरों में काम काज प्रभावित

विभिन्न मांगों को लेकर जिले भर के उपनल कर्मी कार्यबहिष्कार पर चले गए हैं। इससे दफ्तरों में काम काज प्रभावित हो गया है। जिलाध्यक्ष शंकर भट्ट ने बताया कि संगठन लंबे से समय से स्थाई नियुक्ति के साथ वेतन बढ़ोतरी और हटाए गए कर्मियों को फिर से काम पर रखने की मांग कर रहे हैं।

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इसके बाद भी सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है। ऊपर से सरकार हाईकोर्ट के आदेश के विरुद्ध सुप्रीम कोर्ट जाकर लाखों रुपये पानी की तरह बहा रही है। इससे परेशान होकर उन्होंने कार्य बहिष्कार का निर्णय लिया है।

यह भी पढ़ें 👉  शारदीय नवरात्रि: अल्मोड़ा के मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़, गूंजे मां के जयकारे अल्मोड़ा: देवभूमि उत्तराखंड में शक्ति की उपासना के महापर्व शारदीय नवरात्रि का शुभारंभ हो गया है। पर्व के पहले दिन से ही अल्मोड़ा के ऐतिहासिक और पौराणिक मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। सुबह से ही नगर के प्रसिद्ध नंदा देवी मंदिर समेत विभिन्न देवीलयों में भक्तों के पहुंचने का सिलसिला जारी है, जिससे पूरा क्षेत्र पूरी तरह भक्तिमय हो गया है। ऐतिहासिक नंदा देवी मंदिर में उमड़े भक्त उत्तराखंड की लोक आराध्य और कुमाऊँ-गढ़वाल की मुख्य संरक्षक देवी मां नंदा-सुनंदा के दर्शन के लिए अल्मोड़ा शहर के साथ-साथ दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। भक्तों ने मंदिर पहुंचकर मां के चरणों में माथा टेका और सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर के पुजारी तारा दत्त जोशी ने बताया कि नवरात्रि के पहले दिन से ही भक्तों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है और बड़ी संख्या में लोग पहुंचकर मां की पूजा-अर्चना कर रहे हैं। भक्तिमय माहौल और व्रत-अनुष्ठान मान्यता है कि उत्तराखंड में मां नंदा को मां पार्वती के स्वरूप के रूप में पूजा जाता है। नवरात्रि के इन पवित्र दिनों में श्रद्धालु व्रत रखकर मां दुर्गा और भगवती नंदा की आराधना कर रहे हैं। घरों और मंदिरों में घटस्थापना के साथ विशेष अनुष्ठान शुरू हो गए हैं। वहीं, जगह-जगह दुर्गा पंडालों में माता की मनमोहक प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं, जिससे पूरे शहर में आध्यात्मिक और सांस्कृतिक उल्लास का वातावरण है। परंपरा के अनुसार, नौ दिनों तक चलने वाले इन अनुष्ठानों का समापन नवमी के दिन कन्या पूजन और विशाल भंडारे के साथ होगा।

जिले में 1200 कर्मचारी अलग-अलग विभागों में तैनात हैं। इनमें इजीनियरिंग कॉलेज और आईटीआई में तैनात कर्मियों की संख्या ज्यादा है। कहा कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती वह कार्यबहिष्कार जारी रखेंगे।