Haldwani Violence:हल्द्वानी हिंसा मामले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 5 उपद्रवी हुए गिरफ्तार,मास्टरमाइंड की तलाश तेज

हल्द्वानी में गुरुवार आठ फरवरी को भड़की हिंसा की आग अब धीरे-धीरे ठंडी होने लगी है. शहर में हालात पहले की तरह सामान्य होने लगे हैं. कुछ इलाकों में पुलिस ने कर्फ्यू हटा दिया है. हालांकि बनभूलपुरा थाना क्षेत्र और उसके आसपास के इलाकों में अभी भी कर्फ्यू लगा हुआ है. वहीं अब पुलिस ने उपद्रवियों पर भी कार्रवाई करनी शुरू कर दी है, जिसकी जानकारी खुद नैनीताल एसएसपी प्रह्लाद नारायण मीणा ने दी।

हल्द्वानी हिंसा के पांच आरोपी गिरफ्तार: एसएसपी ने बताया कि बनभूलपुरा क्षेत्र में घटित घटना के मामले में एक नगर निगम व पुलिस दो तहरीर पर कुल 3 मुकदमे दर्ज किए गये हैं. मामले में टीमों का गठन किया गया है. CCTV और अन्य सबूतों के आधार पर अभी तक 5 आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है. बाकी अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित की गई हैं. 

पांच हजार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज: नैनीताल एसएसपी प्रह्लाद नारायण मीणा ने बताया कि हल्द्वानी हिंसा में अभीतक 19 नामजद समेत पांच हजार लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है. 19 नामजद में से पांच को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. साथ ही उन्होंने बताया कि हल्द्वानी के बनभूलपुरा थाना क्षेत्र में भड़की हिंसा को काबू में करने के लिए मजिस्ट्रेट के आदेश के बाद गोली चलानी पड़ी थी. 

हल्द्वानी हिंसा का सूत्रधार कौन? एसएसपी मीणा ने बताया कि जिस जगह पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई हुई उस नजूल भूमि पर अब्दुल मलिक के द्वारा ही अवैध निर्माण करवाया गया था. 8 फरवरी को ध्वस्तीकरण करने गई प्रशासन की टीम का भी सबसे ज्यादा विरोध अब्दुल मलिक द्वारा किया गया था, जिसके बाद लोग उग्र हो गए और उन्होंने मौके पर मौजूद पुलिस-प्रशासन और हल्द्वानी नगर निगम की टीम पर हमला बोल दिया था. अब्दुल मलिक नामजद अभियुक्त है जिसकी पुलिस तलाश कर रही है. इन्वेस्टिगेशन के बाद सारे सबूत इकट्ठे होने के बाद देखा जाएगा कि सारे घटनाक्रम के पीछे मास्टरमाइंड कौन है. जो पांच आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं उनसे भी पूछताछ की जा रही है. 

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियां शुरू: अधिकारियों के तबादलों पर भारत निर्वाचन आयोग का शिकंजा, शासन ने जारी किए सख्त आदेश

पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू किए: पुलिस ने बताया कि अब्दुल मलिक समेत 19 लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया गया है. पुलिस इलाके में लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, उन फुटेज के आधार पर उपद्रवियों को चिन्हित किया जा रहा है. इसके अलावा मीडिया के कुछ फुटेज भी पुलिस को मिले हैं, जिनको भी देखा जा रहा है. कई उपद्रवी अंडरग्राउंड हैं, जिसकी तलाश की जा रही है. 

आठ फरवरी को क्यों हिंसा की आग में जला था हल्द्वानी: दरअसल, आठ फरवरी गुरुवार शाम को जिला प्रशासन और हल्द्वानी नगर निगम की टीम बनभूलपुरा थाना क्षेत्र में ‘मलिक का बगीचा’ इलाके में अवैध मदरसा और अवैध नमाज स्थल तोड़ने पहुंची थी. जैसे ही टीम ने अवैध इमरात को तोड़ने की कार्रवाई शुरू की तो वहां मौजूद लोगों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया. 

यह भी पढ़ें 👉  अग्निशमन अधिकारी 6 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, होटल की NOC के लिए मांगी थी घूस

पुलिस का कहना है कि उन्होंने लोगों को काफी समझाने का प्रयास किया, लेकिन वहां मौजूद लोग पुलिस की सुनने को तैयार ही नहीं थे. इस दौरान कुछ लोगों ने पुलिस-प्रशासन और नगर निगम की टीम पर हमला कर दिया. साथ ही चारों तरफ से पुलिस पर पथराव भी किया गया, जिसके बाद वहां हालात बेकाबू हो गए. 

देर शाम तक हल्द्वानी के बनभूलपुरा थाना क्षेत्र में स्थिति नियंत्रण के बाहर हो गई थी. उपद्रवियों ने पुलिस पर हमला करने के साथ वाहनों ने आग लगनी शुरू कर दी थी. उपद्रवियों ने बनभूलपुरा थाने में भी आग लगाने का प्रयास किया था. उपद्रवियों ने थाने के बाहर खड़े वाहनों में भी आग लगा दी थी. 

हल्द्वानी हिंसा में अभीतक पांच लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं कई लोगों की हालात गंभीर बनी हुई है. 100 पुलिसकर्मियों समेत 300 से ज्यादा लोग हल्द्वानी हिंसा में चोटिल हुए थे. फिलहाल हल्द्वानी में स्थिति नियंत्रण में है. बनभूलपुरा थाना क्षेत्र और उसके आसपास के इलाकों को छोड़कर बाकी शहर के हिस्सों से कर्फ्यू हटा दिया गया है. हालांकि वहां धारा 144 लागू रहेगी. 

उधर, हल्द्वानी नगर आयुक्त पंकज उपाध्याय ने बताया कि बनभूलपुरा में उपद्रवियों ने जिम से लौट रहे अजय कुमार को गोली मार दी थी. जिसका उपचार साईं अस्पताल में चल रहा था. आज उनका ऑपरेशन सफल रहा है. एहतियातन उन्हें एम्स ऋषिकेश रेफर किया गया है.

Advertisement