उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियां शुरू: अधिकारियों के तबादलों पर भारत निर्वाचन आयोग का शिकंजा, शासन ने जारी किए सख्त आदेश
उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियां शुरू: अधिकारियों के तबादलों पर भारत निर्वाचन आयोग का शिकंजा, शासन ने जारी किए सख्त आदेश
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने समस्त विभागाध्यक्षों, पुलिस अधिकारियों व जिलाधिकारियों को जारी किए निर्देश
गृह जनपद और एक ही जिले में 3 साल से जमे अधिकारियों के होंगे अनिवार्य स्थानांतरण
25 नवंबर तक कार्रवाई पूरी कर अनुपालन रिपोर्ट शासन को सौंपने के कड़े आदेश
देहरादून (विशेष संवाददाता): राज्य में आगामी विधानसभा सामान्य निर्वाचन, 2027 की सुगबुगाहट के बीच शासन ने निर्वाचन प्रक्रिया को पारदर्शी, निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए कमर कस ली है। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के दिशा-निर्देशों के क्रम में उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने राज्य के सभी प्रमुख सचिवों, पुलिस महानिदेशक, विभागाध्यक्षों और जिलाधिकारियों को अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग के संबंध में कड़े निर्देश जारी किए हैं।
शासन द्वारा जारी आदेशों में स्पष्ट किया गया है कि चुनाव प्रक्रिया से प्रत्यक्ष रूप से जुड़े किसी भी अधिकारी को उनके गृह जनपद में तैनात रहने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
3 साल की समय-सीमा का नियम: यदि किसी अधिकारी ने पिछले 4 वर्षों के दौरान संबंधित जिले में 3 वर्ष की अवधि पूरी कर ली है (या 31 मार्च 2027 तक पूरी हो रही है), तो उनका स्थानांतरण अनिवार्य रूप से किया जाएगा। इसमें पदोन्नति की अवधि को भी शामिल किया जाएगा।
पुराने चुनाव वाले स्थानों पर फिर से तैनाती नहीं: पूर्व के विधानसभा चुनाव या उप-चुनाव के दौरान जिन अधिकारियों (DEO, RO, ARO, पुलिस इंस्पेक्टर आदि) को जिस जिले या क्षेत्र में तैनात किया गया था, उन्हें दोबारा उस स्थान पर तैनात नहीं किया जाएगा।
पुलिस व अन्य संवेदनशील विभागों पर लागू: यह निर्देश केवल प्रशासनिक अधिकारियों ही नहीं, बल्कि पुलिस विभाग (रेंज ADG, IG, DIG, SSP, SP, सब-इंस्पेक्टर), आबकारी और परिवहन विभाग के अधिकारियों पर भी सख्ती से लागू होंगे।
चुनावी ड्यूटी से मुक्त श्रेणी: डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षक और केवल प्रशासनिक मुख्यालयों में तैनात कर्मियों को सामान्यत: बड़े पैमाने पर होने वाले इन तबादलों से बाहर रखा गया है।
रिश्तेदारी और आपराधिक पृष्ठभूमि का घोषणा-पत्र: चुनाव ड्यूटी से जुड़ने वाले सभी अधिकारियों को अनिवार्य रूप से घोषणा-पत्र देना होगा कि उनका कोई निकट संबंधी चुनाव में प्रत्याशी नहीं है और उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला लंबित नहीं है।
मुख्य सचिव ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया है कि आयोग के नियमों के तहत की गई ट्रांसफर-पोस्टिंग की अंतिम अनुपालन रिपोर्ट 25 नवंबर, 2026 तक अनिवार्य रूप से मुख्य सचिव एवं पुलिस महानिदेशक कार्यालय को उपलब्ध कराई जाए, ताकि उसे भारत निर्वाचन आयोग को समय से प्रेषित किया जा सके।
