जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने की जल स्रोत एवं नदी पुनर्जीवन प्राधिकरण के कार्यों की समीक्षा, धीमी प्रगति पर जताई कड़ी नाराजगी
जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने की जल स्रोत एवं नदी पुनर्जीवन प्राधिकरण के कार्यों की समीक्षा, धीमी प्रगति पर जताई कड़ी नाराजगी
अल्मोड़ा, 5 नवंबर 2026: जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने जल स्रोत एवं नदी पुनर्जीवन प्राधिकरण (SARRA) के अंतर्गत संचालित विभिन्न विकास कार्यों की समीक्षा बैठक की। इस दौरान निर्धारित लक्ष्यों के सापेक्ष कम उपलब्धि और कार्यों की धीमी गति पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को कामकाज में तुरंत तेजी लाने के सख्त निर्देश दिए हैं।
महत्वपूर्ण परियोजना में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जल स्रोतों के संरक्षण, संवर्धन और पुनर्जीवन से जुड़ी यह बेहद महत्वपूर्ण परियोजना है, जिसमें किसी भी स्तर पर ढिलाई या अनावश्यक देरी अक्षम्य होगी। उन्होंने जलागम, वन एवं सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे आपसी समन्वय के साथ काम करते हुए लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करें ताकि परियोजना के वास्तविक परिणाम धरातल पर नजर आ सकें।
इन प्रमुख बिंदुओं पर हुई समीक्षा:
जल संचयन और पुनर्जीवन: वर्षा जल संचयन, जल स्रोतों के पुनर्जीवन, चेकडैम, चाल-खाल और सीमेंट-कंक्रीट चेकडैम के निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया गया तथा इन्हें जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए।
वनीकरण और पौधरोपण: वन विभाग को वनीकरण तथा बांज के पौधरोपण से जुड़े कार्यों में तेजी लाने और समयबद्ध तरीके से लक्ष्य पूरा करने को कहा गया।
मैदान में होगा स्थलीय निरीक्षण: जिलाधिकारी ने चेतावनी दी है कि केवल कागजी कार्रवाई काफी नहीं है; वे शीघ्र ही स्वयं मैदान में उतरकर कार्यों का स्थलीय निरीक्षण करेंगे और निरीक्षण से पहले प्रगति में ठोस सुधार दिखना चाहिए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी रामजी शरण शर्मा, परियोजना निदेशक केएन तिवारी, उप प्रभागीय वनाधिकारी काकुल पुंडीर सहित विभिन्न विभागों के प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे।
