Uttrakhand News :नमामि गंगे में उत्तराखंड को 75 करोड़ की आस,यमुना नदी घाट निर्माण के लिए साढ़े सात करोड़ की योजना का प्रस्ताव भी शामील

0
ख़बर शेयर करें -

राष्ट्रीय नदी गंगा की स्वच्छता एवं निर्मलता के उद्देश्य से संचालित नेशनल मिशन फार क्लीन गंगा (एनएमसीजी) के नमामि गंगे कार्यक्रम में गंगा की सहायक नदियों को भी आच्छादित कराने पर राज्य सरकार ने ध्यान केंद्रित किया है।

इसी कड़ी में राज्य की ओर से टनकपुर-बनवसा के बीच शारदा नदी पर रिवर फ्रंट डेवपलमेंट समेत अन्य योजनाओं के लिए 75 करोड़ रुपये के प्रस्ताव एनएमसीजी को भेजे गए हैं। अपर सचिव एवं राज्य में नमामि गंगे कार्यक्रम के कार्यक्रम निदेशक रणवीर सिंह चौहान ने इसकी पुष्टि की। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही इन प्रस्तावों को स्वीकृति मिल जाएगी।

💠उत्तराखंड को नमामि गंगे कार्यक्रम में लिया गया है

राष्ट्रीय नदी गंगा का उद्गम होने के कारण स्वाभाविक तौर पर उत्तराखंड को नमामि गंगे कार्यक्रम में लिया गया है। प्रथम चरण में इसके अंतर्गत गंगा के उद्गम गोमुख से लेकर हरिद्वार तक गंगा से सटे 15 नगरों को लिया गया। नमामि गंगे में इन शहरों में एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) और गंगा में गिर रहे गंदे नालों की टैपिंग के कार्य किए गए। ये अब पूर्ण हो चुके हैं।

यह भी पढ़ें 👉  UttrakhandNews: "मिशन उत्तराखंड: पीएम मोदी का देहरादून दौरा आज, डाटकाली मंदिर में पूजा के साथ करेंगे भव्य रोड शो।"

इसके सार्थक परिणाम भी नजर आए हैं। उत्तराखंड पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार गोमुख से लेकर ऋषिकेश तक गंगा के जल की गुणवत्ता उत्तम है, जबकि ऋषिकेश से हरिद्वार के बीच भी गुणवत्ता में सुधार हुआ है।

💠56 करोड़ की डीपीआर हो गई है तैयार

इस सबको देखते हुए सरकार ने गंगा की सहायक नदियों को भी नमामि गंगे कार्यक्रम में शामिल कराने की दिशा में प्रयास किए। फलस्वरूप, देहरादून की रिस्पना व बिंदाल के साथ ही ऊधम सिंह नगर जिले के छह स्थानों को इसमें शामिल किया गया। हाल में राज्य परियोजना प्रबंधन समूह (नमामि गंगे) की ओर से कई प्रस्ताव एनएमसीजी को भेजे गए। इनमें सबसे महत्वपूर्ण शारदा नदी पर टनकपुर-बनवसा के मध्य रिवर फ्रंट डेवपलमेंट की योजना है। इसके लिए 56 करोड़ की डीपीआर तैयार की गई है।

यह भी पढ़ें 👉  Uttrakhand News:गैरसैंण में मीडिया के लिए 'स्थाई ठिकाना': अब भराड़ीसैंण में बनेगा पत्रकारों के लिए अपना भवन।

💠यमुना नदी घाट निर्माण के लिए साढ़े सात करोड़

इसके अलावा हल्द्वानी के रानीबाग में गौलापार के चित्रशिला घाट और देहरादून के कालसी में हरिपुर में यमुना नदी पर घाट निर्माण को 7.5-7.5 करोड़ और पौड़ी जिले में श्रीनगर के नजदीक धारी देवी मंदिर के पास अलकनंदा नदी पर घाट निर्माण को चार करोड़ की योजना का प्रस्ताव भी इनमें शामिल हैं। बताया गया कि इन प्रस्तावों को लेकर एनएमसीजी में मंथन चल रहा है। एनएमसीजी की अगले माह संभावित बैठक में इनसे संबंधित प्रस्ताव स्वीकृति के लिए आने की उम्मीद है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *