Almora News:जिले में कुमाऊं का पहला साइंस पार्क के निर्माण की कवायद तेज,अब देवभूमि के युवा बनेंगे वैज्ञानिक

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अल्मोड़ा जनपद में ‘साइंस पार्क’ निर्माण के लिए जिला प्रशासन की ओर से कवायद शुरू हो गई है।उत्तराखंड राज्य के कुमाऊं निवासियों के लिए साल 2024 एक बड़ा और फायदेमंद तोहफा ले कर आ रहा है। कुमाऊं का पहला ‘सब रीजनल साइंस सेंटर’ जल्द अपना पूर्णारूप लेने वाला है। कुमाऊं के इस पहले सब रीजनल साइंस सेंटर का लगभग 90% कार्य पूर्ण हो चुका है।

साल 2024 में इसके शुरू होने की पूरी उम्मीद लगाई जा रही है। इसी के संबंध में डीएम विनीत तोमर ने भी साइंस पार्क का जायजा लिया। इधर राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद (दिल्ली) ने सेंटर को धरातल पर आकार देने के लिए काम तेज कर दिया है। तकनीकी अधिकारियों के अनुसार कुछ महीनों के भीतर निर्माण पूरा कर इसे उत्तराखंड विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकॉस्ट) को हस्तांतरित कर दिया जाएगा।

दरअसल, कुमाऊं में साइंस पार्क बनाने की बात साल 2016 में रखी गई थी। साल 2017 से 18 में इसका काम भी शुरू कर दिया गया था। करीब 6 करोड़ की लागत से बन रहे इस साइंस पार्क का कार्य अल्मोड़ा रानीखेत सड़क मार्ग में स्यालीधार के पास शुरू किया गया है। सब रीजनल साइंस सेंटर मार्केटिंग मैनेजर, सुभाष नेगी ने बताया कि सेंटर का 90 फीसदी से अधिक का काम पूरा कर लिया गया है। उन्होंने बताया की साइंस के प्रति लोगों में जागरूकता और रोचकता बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा यह केंद्र खोला गया है।

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इस केंद्र में साइंस पार्क, फन सांइस गैलरी, तारा मंडल केंद्र, आडोटोरियम, कॉन्फ्रेंस हॉल, अल्मोड़ा के जलवायु परिवर्तन को लेकर गैलरी, इनोवेशन केंद्र बनाया गया है। इनोवेशन केंद्र में स्टूडेंट अपने मॉडल भी तैयार कर सकते हैं। उन्होंने बताया की सेंटर शुरू होने से युवाओं के साथ ही पर्यटकों के लिए भी ये केंद्र काफी फायदेमंद साबित होगा। कुमाऊं के इस अत्याधुनिक सेंटर के बन जाने से यहां बाल वैज्ञानिक तराशे जाएंगे। नित नए प्रयोगों के साथ ही विद्यार्थियों के लिए यह सेंटर, मील का पत्थर साबित होगा। वहीं विज्ञान का यह केंद्र पर्यटन विकास को भी बढ़ावा देने में मददगार साबित होगा।

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दो मंजिल ऊंचे इस ‘साइंस सेंटर’ में खास किस्म की विज्ञान प्रदर्शनी दीघाएं बनेंगी। यही नहीं, बाल वैज्ञानिकों की कार्यशाला के लिए 200 सीट वाला थ्रीडी ऑडिटोरियम भी बनाया जा रहा है।चार एकड़ में फैला ये कुमाऊं का इकलौता अनूठा साइंस पार्क होगा। केंद्र की ऑटोनोमस बॉडी, नेशनल काउंसिल ऑफ साइंस म्यूजियम कोलकाता इसका निर्माण करा रही है। तकनीक, मॉडल व बिल्डिंग तैयार कर राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय दिल्ली इसे यूकॉस्ट को हस्तांतरित कर देगी।

मार्केटिंग मैनेजर सुभाष नेगी ने बताया की मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अथक प्रयासों और महानिदेशक यूकॉस्ट प्रो. दुर्गेश पंत की कड़ी मेहनत के बाद जल्द ही ये सेंटर शुरू कर दिया जाएगा। इधर डीएम विनीत तोमर ने सब रीजनल साइंस सेंटर स्यालीधार केंद्र का जायजा लेते हुए अफसरों को 15 जनवरी तक हर हाल में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।

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