Uttrakhand News :सीमांत जिले में बन रहा भारत नेपाल को जोड़ने वाला पुल मार्च 2024 में बनकर हो जाएगा तैयार

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भक्त दर्शन पांडेय पिथौरागढ़। सीमांत जिले के धारचूला में बन रहा भारत और नेपाल को जोड़ने वाला मोटर पुल मार्च 2024 में बनकर तैयार हो जाएगा। उत्तराखंड में बनबसा के बाद दोनों देशों के बीच यह दूसरा मोटर पुल होगा।

इस पुल के बनने से दोनों देशों के बीच आवागमन तो सुगम होगा ही व्यापार बढ़ने से रोटी-बेटी के संबंध भी और अधिक प्रगाढ़ होंगे।

भारत-नेपाल का सीमांकन करने वाली काली नदी पर धारचूला के छारछुम में 32.98 करोड़ की लागत से 110 मीटर स्पान के मोटर पुल का निर्माण किया जा रहा है। इस पुल का शिलान्यास सितंबर 2022 में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया था। पुल का निर्माण लोक निर्माण विभाग कर रहा है। भारत और नेपाल की ओर पुल का एबेडमेंट बनाने का कार्य तेजी से चल रहा है। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के अनुसार मार्च में पुल बनकर तैयार हो जाएगा।

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भारत-नेपाल सीमा पर उत्तराखंड का यह दूसरा और पिथौरागढ़ जिले का पहला मोटर पुल होगा। अभी तक चंपावत जिले के बनबसा में दोनों देशों को जोड़ने वाला एकमात्र मोटर पुल है। पिथौरागढ़ जिले में मोटर पुल बनने से भारतीयों के साथ ही नेपाल के दार्चुला, बैतड़ी सहित अन्य जिलों के नागरिकों की आवाजाही सुगम होगी। वाहनों का संचालन शुरू होने पर व्यापार और पर्यटन बढ़ने से रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। संवाद

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💠वर्तमान में झूलापुलों से होता है आवागमन

पिथौरागढ़। भारत-नेपाल के बीच रोटी-बेटी के रिश्ते होने से बड़ी संख्या में लोग आवाजाही करते हैं। लोगों के आवागमन के लिए वर्तमान में 11 पुल बने हैं। इनमें झूलाघाट, डौड़ा, द्वालीसेरा, जौलजीबी, बलुवाकोट, धारचूला, तिगड़म, बडूजुम्मा, मलघटया जयकोट, गस्कू माल और सीतापुल शामिल हैं

पुल निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है। स्टील का फेब्रिकेशन चंडीगढ़ में तैयार किया जा रहा है। इस माह के अंत तक स्टील स्ट्रक्चर को लाने का काम शुरू हो जाएगा। मार्च 2024 तक पुल का निर्माण पूरा कर लिया जाएगा। – एबी कांडपाल, एसई लोक निर्माण विभाग।

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