Uttrakhand News :उत्तराखंड विधानसभा का विशेष सत्र जल्द होगा आयोजित,इस विशेष सत्र में इन विधायकों पर होगी चर्चा

उत्तरकाशी सिलक्यारा टनल हादसे में राहत बचाव कार्य सम्पन्न होने के बाद विधानसभा का विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा. विधानसभा के इस विशेष सत्र में आंदोलनकारी आरक्षण विधेयक और यूसीसी ड्राफ्ट पर चर्चा होने की संभावना है.

देहरादून: उत्तरकाशी सिलक्यारा टनल में फंसे 41 मजदूरों को निकालने के लिए राहत बचाव का कार्य पिछले 9 दिनों से लगातार जारी है. अभी तक मजदूरों को निकलने में सफलता नहीं मिल पाई है. ऐसे में टनल में फंसे मजदूरों को टनल से निकलने के बाद ही विधानसभा का विशेष सत्र आयोजित होने की संभावना है.

दरअसल, जहां एक ओर आंदोलनकारियों का क्षैतिज आरक्षण विधेयक और यूसीसी ड्राफ्ट है तो वहीं, ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से पहले तमाम संशोधन विधेयकों के प्रस्ताव को भी सदन के पटल पर रखे जाने की संभावना है. ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि ग्लोबल इन्वेस्टर समिट से पहले विशेष सत्र आहूत हो सकता है.

💠आंदोलनकारी आरक्षण विधेयक को पारित किया जाएगा.

यह भी पढ़ें 👉  मुख्यमंत्री धामी ने नवचयनित अभ्यर्थियों को सौंपे नियुक्ति पत्र, बोले— 'पारदर्शी व्यवस्था से मेधावियों को मिल रहा हक'

संसदीय कार्य मंत्री प्रेमचंद्र अग्रवाल ने बताया राज्य आंदोलनकारियों को 10 फ़ीसदी क्षैतिज आरक्षण का लाभ दिए जाने को लेकर प्रवर समिति का गठन किया गया था. प्रवर समिति ने यह रिपोर्ट विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी को सौंप दी है. लिहाजा, बहुत जल्द इसके लिए सत्र बुलाने जा रहे हैं. जिसमे आंदोलनकारी आरक्षण विधेयक को पारित किया जाएगा. इसके साथ ही यूसीसी का विषय भी सदन में लाया जायेगा. सीएम धामी ने यूसीसी का ड्राफ्ट तैयार करने के लिए विशेषज्ञ समिति का गठन किया था, ऐसे में उम्मीद है कि विशेष सत्र से पहले सरकार को यूसीसी का फाइनल ड्राफ्ट भी मिल जायेगा.

यह भी पढ़ें 👉  Uttrakhand News:​उत्तराखंड कांग्रेस में अंतर्कलह: कुमारी सैलजा के एतराज के बाद हरीश रावत ने स्थगित की यात्रा, पार्टी नेतृत्व पर उठाए सवाल

💠लिहाजा, होने वाले विशेष सत्र में आंदोलनकारी आरक्षण विधेयक और यूसीसी ड्राफ्ट पर चर्चा होने की संभावना है.

देहरादून में सितंबर महीने में हुए मानसून सत्र का सत्रावशान नहीं किया गया है. लिहाजा, विशेष सत्र के लिए कैबिनेट में प्रस्ताव जाना और राज्यपाल से अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं होगी. ऐसे में जब भी सारी परिस्थितियां अनुकूल होंगी, उसके बाद विधानसभा विशेष सत्र आहूत किया जाएगा.