Nainital News:आज है झीलों की नगरी नैनीताल का जन्मदिन,जानिए कैसे पड़ी बर्थडे की ये तारीख

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18 नवम्बर की तारीख सरोवर नगरी के लिए बेहद खास है। खास हो भी क्यों ना इसी दिन नैनीताल दुनिया के सामने आया था। दरअसल, नैनीताल का जन्म 18 नवम्बर 1841 को पी बैरन नाम के व्यापारी ने किया था।

🔹182 वर्ष का हुआ नैनीताल 

इसी दिन पी बैरन ने नैनीताल का दस्तावेजीकरण किया था. हालांकि, उस समय कुमाऊं कमिश्नर ट्रेल 20 साल पहले ही नैनीताल आ चुके थे। लेकिन, नैनीताल की आबोहवा और झील की नैसर्गिक सौंदर्य बना रहे, इसलिए ट्रेल ने इसका प्रचार नही किया। अंग्रेज व्यापारी के आगमन की तारीख को ही नैनीताल के जन्मदिन के रूप में याद किया जाता है।

🔹आखिर कैसे हुई झीलों के इस जादुई शहर की खोज

1842 में चौथे कुमाऊं कमिश्नर जार्ज धामस लुसिंगटन ने आधिकारिक रूप से नैनीताल को यूरोपियन सेटेलमेंट के तहत बसाया था। इसके बाद अंग्रेजों ने इसे छोटी विलायत का दर्जा देते हुए ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाया।

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🔹सैलानियों में नैनीताल के जमन्दिन को लेकर काफी उत्साह 

वहीं, पी बैरन जब इंग्लैंड वापस लौटे तो, उन्होंने अपने यात्रा वृतांत कई समाचार पत्रों में प्रकाशित कराए और नैनीताल की चर्चा पूरी दुनिया में आ गई।नैनीताल को अंग्रेजों ने बेहद खास अंदाज में बसाया है।झील के चारों और करीब 64 नालों को बनाया।शहर का सीवरेज सिस्टम भी आज भी वैसा ही है। पर्यटकों के लिए नैनीताल सपनों का शहर है। शहर में पर्यटक भी इस दिन को अलग अंदाज में मना की तैयारी कर रहे हैं। दिल्ली से आए पर्यटक नवीन सिंघल ने कहा कि दिल्ली में पूरी तरह प्रदूषण की चपेट में है और जब वो नैनीताल आते हैं तो, उन्हें स्वर्ग जैसा लगता है।

🔹प्रकृति से छेड़छाड़ 

अनियंत्रित और अनियोजित विकास के कारण नैनीताल की खूबसूरती और पर्यावरण पर ग्रहण लग रहा है। बढ़ते कंक्रीट के जंगल पर रोक लगाने, यातायात के दबाव को कम करने, भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को जागरूक करने, बलियानाला संरक्षण के लिए स्वीकृत धनराशि का सदुपयोग करने और प्रकृति से छेड़छाड़ पर रोक लगाने के लिए जोर देने की जरूरत है।

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🔹भूस्खलन बढ़ा रहा चिंता

संवेदनशील बलियाना रइस होटल के बाद हरिनगर, जीआईसी समेत कैलाखान व उससे लगा आलूखेत परिक्षेत्र के लिए खतरा बना हुआ है। चीनापीक से अक्सर बोल्डर व भूस्खलन के साथ ही राजभवन के ठीक पीछे निहाल नाले के कटाव से भी क्षेत्र को खतरा है। ऐसे में लोगो को नगर के संरक्षण का संकल्प लेना होगा। आज स्थानीय ताल चैनल की ओर से मल्लीताल बास्केटबॉल मैदान में सर्वधर्म प्रार्थना सभा, समाजसैवियों का सम्मान, सांस्कृतिक कार्यक्रम आदि होंगे।

🔹सांप्रदायिक एकता का संदेश देता नैनीताल

पर्यटन नगरी नैनीताल प्राकृतिक सौंदर्य के साथ ही सांप्रदायिक सौहार्द्र का संदेश देती है। 51 शक्तिपीठों में से एक मां नयना देवी मंदिर, गुरुद्वारा, एशिया का पहला मेथोडिस्ट चर्च और जामा मस्जिद मात्र सौ मीटर दायरे में होना इसकी विशेषता है।

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