# **मौसम अलर्ट: अल्मोड़ा में भारी बारिश की चेतावनी, एक सप्ताह तक बीडीसी बैठकें स्थगित; कल स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र रहेंगे बंद**
# **मौसम अलर्ट: अल्मोड़ा में भारी बारिश की चेतावनी, एक सप्ताह तक बीडीसी बैठकें स्थगित; कल स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र रहेंगे बंद**
**अल्मोड़ा, 19 जुलाई (सूचना विभाग):** भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) द्वारा जारी भारी बारिश के पूर्वानुमान और संभावित प्राकृतिक आपदा की चेतावनी को देखते हुए अल्मोड़ा जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने जनपद में जन सुरक्षा के मद्देनजर दो बड़े और महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।
### **1. कल (20 जुलाई) स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में एक दिवसीय अवकाश घोषित**
मौसम विभाग द्वारा उत्तराखंड के विभिन्न जिलों सहित अल्मोड़ा में गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने और तीव्र से अति तीव्र बारिश की संभावना जताई गई है। अतिवृष्टि के कारण भूस्खलन, त्वरित बाढ़, बोल्डर गिरना और जलभराव जैसी आपदाओं के खतरे और छात्र-छात्राओं की सुरक्षा के दृष्टिगत जिलाधिकारी/अध्यक्ष जनपद आपदा प्रबंधन प्राधिकरण अंशुल सिंह ने बड़ा आदेश जारी किया है।
आदेश के अनुसार, **दिनांक 20 जुलाई, 2026 को जनपद अल्मोड़ा के समस्त शासकीय, अर्धशासकीय एवं निजी विद्यालयों (कक्षा 01 से 12 तक) और समस्त आंगनबाड़ी केंद्रों में 01 दिवसीय अवकाश घोषित किया गया है।** मुख्य शिक्षा अधिकारी और जिला कार्यक्रम अधिकारी (बाल विकास) को इस आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस आदेश की प्रतिलिपि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, संयुक्त मजिस्ट्रेट रानीखेत, समस्त उपजिलाधिकारियों और जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी को आवश्यक कार्रवाई हेतु भेज दी गई है।
### **2. एक सप्ताह तक सभी विभागीय बैठकें और शिविर स्थगित, अधिकारी फील्ड में मुस्तैद**
इससे पहले, रविवार को नवीन कलक्ट्रेट स्थित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष में आयोजित आपदा प्रबंधन समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने जनपद के सभी विभागों को आगामी एक सप्ताह तक प्रस्तावित सभी विभागीय बैठकों, समीक्षा बैठकों, शिविरों और बीडीसी (ब्लॉक डेवलपमेंट काउंसिल) बैठकों को तत्काल प्रभाव से स्थगित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने साफ किया है कि इस अवधि में सभी अधिकारी अपने-अपने कार्यक्षेत्र में मौजूद रहकर किसी भी संभावित आपदा से निपटने के लिए फील्ड में सक्रिय रहेंगे।
### **तैयारियों की समीक्षा और मुख्य निर्देश:**
* **संसाधनों की तैनाती:** बैठक में संवेदनशील व भूस्खलन संभावित क्षेत्रों की स्थिति, राहत एवं बचाव दलों की उपलब्धता के साथ-साथ जेसीबी, पोकलैंड, डंपर जैसी आवश्यक मशीनरी और मानवबल की समीक्षा की गई।
आवश्यक सेवाएं:** विद्युत, पेयजल, सड़क और स्वास्थ्य जैसे मूलभूत विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वे आवश्यक सेवाओं को निर्बाध (बिना रुकावट) बनाए रखें। यदि कहीं कोई व्यवधान आता है, तो तुरंत कार्रवाई की जाए।
* **24×7 कंट्रोल रूम:** जिला आपदा नियंत्रण कक्ष को चौबीसों घंटे सक्रिय रखने और सभी अधिकारियों को जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र के साथ लगातार तालमेल बनाए रखने को कहा गया है।
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**तहसील स्तर पर निगरानी:** तहसील स्तर पर गठित आईआरएस और आईआरटी/क्यूआरटी (क्विक रिस्पांस टीम) में नामित अधिकारी अपने क्षेत्रों में रहकर मौसम पर नजर रखेंगे और हर छोटी-बड़ी घटना की सूचना तुरंत कंट्रोल रूम को देंगे।
जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने कहा—* “जनहित और जनसुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। मौसम के इस अलर्ट के दौरान सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करते हुए किसी भी संभावित आपदा से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए पूरी सतर्कता बरतें।”