Uttrakhand News:धरती आबा जनजातीय उत्कर्ष ग्राम योजना’ से संवरेगा आदिवासियों का भविष्य, सितारगंज में ग्रामीणों को दिया गया प्रशिक्षण
अनुसूचित जनजातिय उत्कर्ष ग्राम विकास की दिशा निर्धारित कैसे होगी यह सवाल आज भारत सरकार की प्राथमिकता में हैं। देश भर के पांच करोड़ आदिवासियों का उद्धार करने की सरकारी मंशा है। 63000 अनुसूचित जनजातीय गॉव इस योजना से प्रभावित होंगे। सरकारी महकमें के 25 विभाग धरती आबा जनजातीय उत्कर्ष ग्राम योजना को संचालित करने के लिए तत्पर खड़े हैं। इसी क्रम में सितारगंज के कल्यानपुर द्वितीय के ग्राम पूरनगढ़ में दर्पण समिती अल्मोड़ा के तत्वाधान में अनुसूचित जनजाती समुदाय के लिए एक दिवसीय जागरूकता प्रशिक्षण आयोजित किया गया।
घने कोहरे और हाड़ कंपाती ठण्ड के बावजूद ग्रामीणों ने प्रशिक्षण में प्रतिभाग किया और अपनी समस्याओं पर खुल कर विमर्श किया। महिलाओं ने कहा कि समस्याएं बहुत हैं लेकिन यह पहला अवसर है जब महिलाओं को उनके मुद्दे रखने के लिए मंच मिला और माइक पर उन्होने अपने मन की बात साझा की, ग्राम और मोहल्ले का विकास ऐसे ही संभव होगा।
उक्त प्रशिक्षण में कल्याणपुर द्वितीय, पूरनगढ़ ग्राम के 70 सदस्यों ने प्रतिभाग किया। दर्पण संस्था की प्रशिक्षक विभु कृष्णा ने ग्रामीणों को धरती आबा उत्कर्षठ जनजातीय अभियान योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि जनजातीय समुदाय के भगवान कहे जाने वाले धरती पुत्र बिरसा मुंडे की स्मृति में उक्त योजना को केन्द्र सरकार ने लागू किया है। अपने हकों के लिए और विकास के लिए जागरूकता हो यह इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है।
प्रशिक्षण में विकास खण्ड से ग्राम विकास अधिकरी रूचिवती ने समुदाय का आह्वाहन करते हुए कहा कि देश भर में हजारों गैर सरकारी संस्थाएं राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के तहत पंचायत स्तर पर ग्रामीणों को, पंचायत प्रतिनिधियों को उनके अधिकारों के प्रति सजग करने में जुटे हैं। केन्द्र और राज्य सरकार के 25 विभाग धरती आबा जनजातीय उत्कर्षट अभियान में तत्पर हैं। सरकार जन-जन के द्वार अभियान में सभी लोग प्रतिभाग करें और अपने महत्वपूर्ण अभिलेख त्वरित रूप से शिविर में ही बनाएं।
धरती आबा जनजातीय उत्कर्ष ग्राम अभियान प्रशिक्षण कल्याणपुर, पूरनगढ़ में आयोजित प्रशिक्षण में मौजूद रहे – ग्राम प्रधान पुरूषोत्तम, शुशीला देवी, हिमांशु राना, बलदेव, संजीत सिंह, विमला देवी, सूरज भगवान आदि।
