Uttrakhand News:जनपद के सभी शिक्षण संस्थानों, अस्पतालों, होटलों और मॉल में होगा व्यापक फायर सेफ्टी ऑडिट, नियमों के उल्लंघन पर होगी दंडात्मक कार्रवाई

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राज्य में अग्नि दुर्घटनाओं की प्रभावी रोकथाम और जनसुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मा मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी और शासन के निर्देशों के क्रम में जनपद के भीतर संचालित समस्त शिक्षण संस्थानों, कोचिंग सेंटरों, चिकित्सालयों, होटलों, मॉल, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, छात्रवासों और सार्वजनिक उपयोग के भवनों में अनिवार्य रूप से विस्तृत फायर सेफ्टी ऑडिट और विद्युत सुरक्षा निरीक्षण कराया जाएगा।

जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार के निर्देशानुसार इस विशेष अभियान के लिए अग्निशमन विभाग और विद्युत विभाग की संयुक्त टीम का गठन किया गया है, जो संबंधित क्षेत्रों के उपजिलाधिकारियों और विभागीय अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर संयुक्त रूप से सघन चेकिंग अभियान चलाएगी।

इस विशेष चेकिंग अभियान के दौरान संयुक्त टीम द्वारा बहुमंजिला व व्यावसायिक भवनों में विद्युत वायरिंग की स्थिति, ओवरलोडिंग, शॉर्ट सर्किट की संभावनाओं तथा अवैध विद्युत संयोजनों की कड़ाई से जांच की जाएगी।

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इसके साथ ही प्रतिष्ठानों में गैस पाइपलाइन, एलपीजी सिलेंडर के सुरक्षित भंडारण, ज्वलनशील पदार्थों के रख-रखाव, जनरेटर, ट्रांसफार्मर और विद्युत पैनलों की सुरक्षा व्यवस्था को भी परखा जाएगा। सुरक्षा मानकों को पुख्ता करने के लिए अग्निशमन उपकरणों की क्रियाशीलता, फायर अलार्म, हाइड्रेंट, स्प्रिंकलर सिस्टम की स्थिति के साथ-साथ आपातकालीन निकास मार्ग (इवेकुएशन प्लान) और निकास संकेतों की उपलब्धता की भी गहनता से समीक्षा की जाएगी।

टीम द्वारा यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी बड़े प्रतिष्ठानों के पास वैध फायर एनओसी (अग्नि सुरक्षा अनापत्ति प्रमाण-पत्र) हो और वे राष्ट्रीय भवन संहिता (एनबीसी) व प्रचलित अग्नि सुरक्षा मानकों का पूरी तरह अनुपालन कर रहे हों।

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जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि जिन भी संस्थानों या प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाई जाएंगी, उन्हें तत्काल चिन्हित कर नियमानुसार नोटिस जारी किए जाएंगे। नोटिस मिलने के बाद निर्धारित समय-सीमा के भीतर संबंधित संचालकों को आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने होंगे।
यदि किसी प्रतिष्ठान में गंभीर अनियमितता या जनसुरक्षा के लिए कोई बड़ा जोखिम पाया जाता है, तो संबंधित अधिनियमों और सुसंगत नियमों के अंतर्गत उनके खिलाफ तत्काल कठोर विधिक एवं दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

जिलाधिकारी द्वारा सभी संबंधित विभागों को इस संयुक्त निरीक्षण की विस्तृत आख्या आगामी 15 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

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