Pithoragarh News:जिला गंगा समिति की बैठक में गंगा एवं सहायक नदियों के संरक्षण, स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन पर विशेष जोर

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जिला गंगा समिति की बैठक में गंगा एवं सहायक नदियों के संरक्षण, स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन पर विशेष जोर
कलेक्ट्रेट सभागार, पिथौरागढ़ में जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगांई की अध्यक्षता में जिला गंगा समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में नमामि गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत जनपद में गंगा एवं उसकी सहायक नदियों के संरक्षण, स्वच्छता, प्रदूषण नियंत्रण, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन तथा जल स्रोतों के संरक्षण संबंधी कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जनपद की सभी नदियों, गाड़-गधेरों एवं प्राकृतिक जल स्रोतों की स्वच्छता सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि नदियों में कूड़ा-कचरा, प्लास्टिक अथवा अन्य अपशिष्ट डालने पर प्रभावी रोक लगाई जाए तथा संबंधित विभाग नियमित निगरानी एवं आवश्यक कार्रवाई करें।

बैठक में नगर निकायों द्वारा ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, नदी तटीय क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान, जल गुणवत्ता की निगरानी तथा जनजागरूकता कार्यक्रमों की समीक्षा की गई।

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जिलाधिकारी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण में जनभागीदारी अत्यंत आवश्यक है और विद्यालयों, महाविद्यालयों, स्वयंसेवी संस्थाओं तथा युवाओं को व्यापक रूप से जोड़ा जाए।
उन्होंने जनपद में संचालित एसटीपी के सुचारु संचालन, सीवरेज अवसंरचना, यूवी ट्रीटमेंट एवं एफ्लुएंट गुणवत्ता की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही धारचूला, बेरीनाग, गंगोलीहाट, डीडीहाट एवं मुनस्यारी में प्रस्तावित एवं निर्माणाधीन एसटीपी, सीवर लाइन विस्तार तथा बड़े होटल एवं संस्थानों को एसटीपी से जोड़ने की प्रगति की समीक्षा करते हुए कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने बायो-मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट की सख्त निगरानी, घाटों की स्वच्छता, डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण, वैज्ञानिक अपशिष्ट निस्तारण तथा सिंगल यूज़ प्लास्टिक प्रतिबंध के प्रभावी अनुपालन पर विशेष बल दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी तथा अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी।

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बैठक में वर्षा ऋतु को देखते हुए जल स्रोतों के संरक्षण, अवैध कूड़ा निस्तारण पर रोक, प्लास्टिक मुक्त अभियान तथा जल संरक्षण संबंधी जनजागरूकता कार्यक्रम नियमित रूप से संचालित करने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में उपजिलाधिकारी सदर जितेन्द्र वर्मा, उपप्रभागीय वनाधिकारी राजकुमार, अधिशासी अभियंता जल निगम पी.एन. चौधरी सहित वन विभाग, नगर निकाय, जल संस्थान, सिंचाई, ग्रामीण विकास, पंचायतीराज, शिक्षा, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों ने प्रतिभाग किया। बैठक का संचालन डीपीओ नमामि गंगे ज्योत्सना जोशी ने किया।

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