Uttrakhand News :यहा आजादी के 75 साल बाद भी नही पहुंची सड़क,15 किमी डोली पर पैदल ढोकर मरीज को पहुँचाया अस्पताल

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आजादी के 75 साल बाद भी कपकोट विधानसभा क्षेत्र के कई इलाकों में सड़क नहीं पहुंची है। इलाके के बीमार और गर्भवतियों को इससे सर्वाधिक नुकसान होता है। मंगलवार को नरगड़ा के आन सिंह राठौर (86) गंभीर रूप से बीमार हो गए थे।

ग्राम प्रधान भागीरथी देवी ने बताया कि गांव के लोगों ने बुजुर्ग को नरगड़ा से कपकोट तक 15 किमी डोली पर ढोया। सामाजिक कार्यकर्ता तारा सिंह राठौर ने बताया कि कपकोट पहुंचने के बाद 108 नहीं मिला। मरीज को निजी वाहन से जिला अस्पताल पहुंचाया गया। मरीज को लाने वालों में हीरा सिंह, पुष्कर सिंह, नंदन सिंह, गुमान सिंह, नारायण सिंह, परवीन सिंह आदि शामिल थे। नरगड़ा, भैंसुड़ी कुटेर गांव के लोगों को मुख्य सड़क तक आने के लिए करीब 15 किमी पैदल चलना पड़ता है। इलाके में कोई बीमार हो जाए तो इन दोनों गांवों के लोगों के सिर पर मुसीबत आ जाती है। गांव के लोगों का कहना है कि नररगड़ा, भैसुडी-कुटेर क्षेत्र को जोड़ने के लिए कई वर्ष पहले आठ किमी सड़क मंजूर हो गई थी। अब तक सड़क का काम शुरू नहीं हुआ है। 

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💠इस बार नहीं देंगे वोट

कपकोट। सड़क निर्माण न होने से नाराज नरगड़ा, भैंसूड़ी-कुटेर के लोगों ने आगामी लोकसभा चुनाव का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। ग्राम प्रधान भागीरथी देवी, सामाजिक कार्यकर्ता तारा सिंह राठौर का कहना है कि लोकतंत्र में उन लोगों को किसी प्रकार की अहमियत नहीं दी जा रही है। इस बार दोनों ग्राम पंचायतों के लोगों ने मतदान न करने का मन बना लिया है। इस पर वह लोग अडिग हैं। 

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सड़क वन भूमि निस्तारित न होने के कारण लटकी है। वन भूमि का प्रस्ताव भारत सरकार के नोडल को ऑनलाइन कर दिया गया है। क्षतिपूरक पौधरोपण के लिए जमीन मिल गई है। वन भूमि निस्तारित होते ही सड़क का काम शुरू किया जाएगा।

-अमित पटेल, ईई, लोनिवि कपकोट

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