Uttrakhand News :बागेश्वर की बड़ी आबादी खतरे के मुहाने पर आने जा रही है,यहां खतरे की वजह गोमती-सरयू नदियों से अवैध खनन,स्थानीय लोगों में आक्रोश

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गढ़वाल में अभी जोशीमठ का मामला शांत नहीं हुआ था कि अब बागेश्वर की बड़ी आबादी खतरे के मुहाने पर आने जा रही है। यहां खतरे की वजह गोमती-सरयू नदियों से अवैध खनन बन रहा है।

पुलों के नीचे से भी रेता निकाला जा रहा है। जिससे पुलों की नींव भी प्रभावित हो रही है। स्थानीय लोगों में आक्रोश है।

💠रेता बजरी का अवैध खनन हो रहा है

सरयू, गोमती, गरुड़ गंगा, लाहूर समेत दर्जनों गाड़-गधेरों में अवैध रूप से रेता बजरी का दोहन हो रहा है। नदी के किसी भी छोर से रेता निकाला जा सकता है। नगर क्षेत्र के अलावा आरे, बिलौना, हरसीला, सीमार, रूनीखेत, आरे आदि स्थानों पर रेता बजरी का अवैध खनन हो रहा है। चोरी छिपे बजरी निकालने से स्थानीय घरों पर खतरा मंडराने लगा है। नदी की गहराई बढ़ने से कई स्थानों पर पानी का रुख भी बदल गया है। जिससे प्रतिवर्ष हजारों नाली कृषि भूमि बह रही है।

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💠लोडर मशीनों से खनन प्रतिबंधित

नदियों में लोडर मशीनों से खनन पर रोक है। बावजूद सरयू नदी में खनन किया जा रहा है। जिस कारण स्थानीय लोगों में आक्रोश है। उन्होंने जिला प्रशासन से जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। वहीं, सरयू नदी से रोजाना खनन हो रहा है। जिससे जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं। बरसात में यह गड्ढे पानी से भर जाते हैं। जिससे बाढ़ का खतरा बन सकता है।

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मामला संज्ञान में आया है। राजस्व टीम को निर्देश दिए गए हैं। लोडर मशीनों से खनन प्रतिबंधित है। ऐसे लोगों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।- मोनिका, उपजिलाधिकारी, सदर

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