Uttrakhand News :उत्तराखंड में इमरजेंसी सेवाओं को छोड़ ठप रहीं बाकी सेवाएं,मांग न माने जाने पर इंमरजेंसी की सेवाएं भी ठप करने की चेतावनी

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डॉक्टरों ने मांगा मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट

धरती के भगवान माने जाने वाले डाक्टर साहब लोग सामूहिक हड़ताल पर हैं।

उत्तराखंड की बात करें तो राज्य भर के डॉक्टर हड़ताल पर हैं। सरकारी अस्पताल में इमरजेंसी सेवाओं को छोड़कर बाकी सेवाएं पूरी तरह से प्रभावित हैं। इमरजेंसी में मरीजों का इलाज चल रहा है, लेकिन मांग न माने जाने पर इंमरजेंसी की सेवाएं भी ठप करने की चेतावनी डाक्टर्स ने दे दी है।

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कोलकाता में महिला डाक्टर से रेप और हत्या से जुड़े मामले को लेकर यह हड़ताल और मांगें चल रही हैं। इंडियन मेडिकल एसाेसिएशन (आईएमए) के आह्वान पर हड़ताल का असर राज्य भर में दिखा। हड़ताल से मरीजों की खासकर गरीब मरीजों की जान खतरे में है। सरकारी अस्पतालों में अधिकांश इलाज कराने पहुंचने वाले लोग गरीब तबके और मध्यमवर्गीय परिवारों से आते हैं। ऐसे में केवल इमरजेंसी सेवाएं दी जा रही है।

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मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट समेत कई अन्य मांगों के साथ हड़ताल पर जाने से राज्य में इलाज की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। ओपीडी सेवा पूरी तरह प्रभावित है और हड़ताल के कारण सर्जरी भी रुक गई है। उनका कहना है कि डाक्टर्स नहीं चाहते किसी भी तरह के हड़ताल पर जाना, लेकिन सरकार उनकी सुन ही नहीं रही है।

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