Pithoragarh News: चाइना बाॅर्डर की कनेक्टिविटी मुहाल, लगातार दरक रही पहाड़ी बन रही खतरनाक मुसीबत

ख़बर शेयर करें -

पिथौरागढ़। सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण चीन सीमा को जोड़ने वाली सड़क पर आवाजाही बेहद खतरनाक बनी हुई है। अंधाधुंध कटिंग से पहाड़ियों पर लटके पत्थर मौत बनकर झांक रहे हैं। पहाड़ियां लगातार दरकने से आए दिन सड़क बंद हो रही है।इससे लोगों को आवागमन के साथ ही जरूरी सामान लाने-ले जाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

🔹पुरानी कटिंग का मलबा मुसीबत बना 

तवाघाट से बलुवाकोट तक 35 किमी सड़क का चौड़ीकरण किया जा रहा है। नया बस्ती, आश्रम पद्धति स्कूल और गोठी आईटीबीपी कैंप के पास हल्की बारिश में लगातार मलबा गिर रहा है। दोबाट की खड़ी चट्टान से लगातार बोल्डर गिर रहे हैं। तवाघाट से आगे मलघाट में जहां खड़ी चट्टान से मलबा गिर रहा है वहीं गर्बाधार की खड़ी चट्टान भी खतरनाक बनी हुई है। गर्बाधार में जहां मजबूत चट्टानें हैं वहीं मलघाट में पुरानी कटिंग का मलबा मुसीबत बना हुआ है। 

यह भी पढ़ें 👉  Weather Update:मौसम के तल्ख तेवर: फरवरी में ही तपने लगा उत्तराखंड, टूट रहे तापमान के रिकॉर्ड

वहां मलबा, बोल्डर गिरने की स्थिति में लोगों के पास बचने का कोई साधन नहीं है। धारचूला से आगे सड़क जहां-तहां बंद होने से व्यास, दारमा और चौदास घाटी जाने वाले ग्रामीणों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि हल्की सी बारिश में पहाड़ियां दरक जा रही हैं। उनका कहना है कि बरसात के दौरान खतरनाक स्थलों पर सड़क चौड़ीकरण का कार्य नहीं किया जाए। 

यह भी पढ़ें 👉  Almora News :मानसखण्ड विज्ञान केंद्र, अल्मोड़ा में 21वाँ राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय प्रमुखों का हुआ सम्मेलन

🔹दोबाट से हटाए जा रहे हैं बोल्डर 

धारचूला। दोबाट में दो दिन पूर्व बारिश के दौरान भारी भूस्खलन होने से सड़क बंद हो गई थी। सड़क बंद होने से तीनों घाटियों के लोगों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। सड़क खोलने के लिए कार्यदायी संस्था के कर्मी लगे हुए हैं। बोल्डर तोड़ कर हटाए जा रहे हैं। वाहन चालक देवेंद्र ने बताया कि यदि बारिश नहीं हुई तो मंगलवार देर शाम तक सड़क खुलने की संभावना है।