Uttrakhand News :जीएसटी का सहायक आयुक्त 75000 रिश्वत लेते गिरफ्तार,भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज

0
ख़बर शेयर करें -

बिलों में गड़बड़ी बताकर टैक्स सेटलमेंट को लेकर रेस्टोरेंट संचालक से 75 हजार रुपये रिश्वत लेते राज्य कर विभाग (स्टेट जीएसटी) के सहायक आयुक्त शशिकांत दुबे को विजिलेंस ने देहरादून के लक्ष्मी रोड स्थित जीएसटी मुख्यालय से रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया।

विजिलेंस ने आरोपित सहायक आयुक्त के आवास व अन्य ठिकानों पर भी छापेमारी की। वहां से 650 ग्राम सोना और करीब दो किलोग्राम चांदी बरामद हुई। टीम की ओर से आरोपित की चल-अचल संपत्ति का आकलन किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर जांच एजेंसियां लगातार भ्रष्ट कार्मिकों को सलाखों के पीछे पहुंचा रही हैं। विजिलेंस के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) धीरेंद्र गुंज्याल ने बताया कि लक्ष्मी रोड स्थित जीएसटी मुख्यालय (गढ़वाल मंडल) के सहायक आयुक्त शशिकांत दुबे के विरुद्ध शिकायत मिली थी कि वह एक रेस्टोरेंट संचालक के बिलों में गड़बड़ी बताकर उन्हें भारी जुर्माने का भय दिखा रहे हैं। जिसकी शिकायत रेस्टोरेंट संचालक ने विजिलेंस को दी। जिसमें आरोप था कि प्रकरण को सेटल करने के लिए शशिकांत दुबे 75 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहे हैं।

यह भी पढ़ें 👉  Uttrakhand News:नीट यूजी 2026: उत्तराखंड में फर्जी प्रमाणपत्रों पर सीएम धामी का बड़ा एक्शन, 8 अभ्यर्थियों का एडमिशन रद्द; सभी आरक्षित श्रेणी के प्रमाण पत्रों की होगी जांच

विजिलेंस की प्राथमिक जांच में शिकायत सही पाए जाने पर ट्रैप टीम गठित की गई। मंगलवार को सहायक आयुक्त शशिकांत दुबे ने शिकायतकर्ता को 75 हजार रुपये लेकर जीएसटी मुख्यालय बुलाया। जैसे ही शिकायतकर्ता ने दुबे को यह रकम दी, तभी विजिलेंस टीम ने उन्हें दबोच लिया।

आरोपित से विजिलेंस मुख्यालय में पूछताछ की जा रही है। विजिलेंस ने आरोपित के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। सरकार व विजिलेंस मुख्यालय ने बेहतर कार्य के लिए ट्रैप टीम को नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है।

यह भी पढ़ें 👉  Uttrakhand News:उत्तराखंड में PG डॉक्टरों के लिए 2 साल की सरकारी सेवा अनिवार्य करने की तैयारी, भेजा गया प्रस्ताव

💠सरकार सख्त, निर्भीक होकर करें शिकायत

राज्य सरकार न केवल भ्रष्टाचार को लेकर सख्त है, बल्कि पिछले कुछ दिनों में राज्य कर विभाग के साथ ही लघु सिंचाई विभाग, वन विभाग, विद्युत विभाग व खाद्य आपूर्ति के रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों को गिरफ्तार कर जेल भेजने की कार्रवाई भी कर चुकी है। मुख्यमंत्री ने विजिलेंस समेत सभी जांच एजेंसियों को भ्रष्टाचार की शिकायत पर कड़ी कार्रवाई के लिए पूर्ण स्वतंत्रता दी है।

एसएसपी विजिलेंस ने आमजन से अपील की है कि यदि राज्य के सरकारी विभागों में नियुक्त कोई अधिकारी-कर्मचारी किसी प्रकार का दबाव बनाकर रिश्वत की मांग करता है तो निर्भीक होकर विजिलेंस के टोल फ्री नंबर 1064 व वाट्सएप नंबर 9456592300 पर सूचना दें। शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाएगी.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *