National News :बिना डिग्री का सर्जन,कर रहा था ऑपरेशन,फर्जी डॉक्टर ने उतारा 9 लोगोेें को मौत के घाट

ख़बर शेयर करें -

डॉक्टर के भगवान का दर्जा दिया जाता है। क्योंकि डॉक्टर मरीज को मौत के मुंह से बाहर निकाल कर नई जिंदगी देते है। लेकिन क्या हो अगर वहीं जान लेने पर उतर जाए तो एक ऐसा ही मामल सामने आ रहा दिल्ली के पॉश इलाके ग्रटर कैलाश से जहां फर्जी तरीके से मेडिकल सेंटर चलाया जा रहा था।

इस मेडिकल सेंटर के दिल्ली मेडिकल काउंसिल ने नौ शिकायत दर्ज किया गया थी, जिसमें 9 लोगों इलाज के बाद मौत हो गई।

💠शिकायत के बाद दिल्ली पुलिस ने कुछ झोलाछाप डॉक्टरों को गिरफ्तार किया है। 

दरअसल यहां एक क्लिनिक में सर्जरी के बाद 44 साल के व्यक्ति की मौत हो गई थी। इस मामले में 4 लोगों के गिरफ्तार किया है। इनमें से दो ऐसे डॉक्टर थे जो बिना डिग्री के सर्जरी करते थे। ये ग्रेटर कैलाश पार्ट-1 में मेडिकल सेंटर चला रहे थे।

💠ऑपरेशन के बाद हुई मरीज की मौत 

दिल्ली पुलिस को मिली शिकायत पुलिस उपायुक्त चंदन चौधरी ने बताया कि 27 अक्तूबर को ईस्ट ऑफ कलाश-एक स्थित गढ़ी गांव निवासी 44 वर्षीय मरीज जय नारायण के भाई ने पुलिस को शिकायत दी थी। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि उन्होंने अपने भाई को पित्ताशय की पथरी के ऑपरेशन के लिए अस्पताल में भर्ती कराया था, मगर ऑपरेशन के बाद उनकी मौत हो गई। भाई ने जब डॉक्टरों से मरीज की मौत का कारण पूछा तो उन्होंने बताया कि ऑपरेशन सफल रहा था, लेकिन उसके बाद हार्ट अटैक आने से जय नारायण की मौत हो गई।

यह भी पढ़ें 👉  देश विदेश की ताजा खबरें बुधवार 12 जून 2024

मेडिकल बोर्ड के चार डॉक्टर जांच के लिए पहुंचे पीड़ित की शिकायत पर 1 नवंबर को मेडिकल बोर्ड के चार डॉक्टर जब अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे तो वहां कई कमियां मिलीं। छानबीन में पता चला कि अग्रवाल मेडिकल सेंटर के निदेशक डॉ. नीरज अग्रवाल मरीजों के इलाज और सर्जरी सबंधी फर्जी दस्तावेज तैयार करते थे। इसके बाद मरीजो को सौंप देते थे।

यह भी पढ़ें 👉  Almora News :दन्या पुलिस टीम ने गुम हुए मोबाईल को बरामद कर लौटाई मोबाईल स्वामी के चेहरे पर मुस्कान,मोबाईल स्वामी ने पुलिस टीम द्वारा की गयी त्वरित कार्यवाही को सराहा

💠2016 से अब तक के सात सालों में कुल नौ मरीजों की जान गई

लाइसेंस कैंसल कराने के लिए मेडिकल काउंसिल को पत्र लिखा पुलिस उपायुक्त ने अग्रवाल मेडिकल सेंटर का लाइसेंस कैंसल कराने के लिए दिल्ली मेडिकल काउंसिल के अध्यक्ष को पत्र लिखा है। उन्होंने बताया कि साल 2016 से अब तक के सात सालों में कुल नौ मरीजों की जान मेडिकल सेंटर की लापरवाही के चलते गई है। मई 2022 में भी आरोपी डॉ. नीरज अग्रवाल और उनके पिता डॉ. डीसी अग्रवाल को नोटिस जारी किया गया।

सर्जन के नाम पर खुद ही सर्जरी कर दी 10 अक्तूबर को संगम विहार निवासी मृतक असगर अली की पत्नी ने भी इस अस्पताल के खिलाफ शिकायत दी थी। उन्होंने बताया कि डॉ. नीरज अग्रवाल ने महिला को बताया कि उनके पति की सर्जरी प्रसिद्ध सर्जन डॉ. जसप्रीत सिंह करेंगे, लेकिन बाद में डॉ. महेंद्र सिंह आदि ने की।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *