नैनीताल:अब जेल में बंद कैदी बनाकर देंगे उत्पाद,फोन से देनी होगी डिमांड

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हल्द्वानी। उपकारागार हल्द्वानी के बंदी और कैदियों की ओर से तैयार उत्पाद आप भी खरीद सकते हैं। जेल प्रशासन की पहल पर बंदी और कैदियों ने गमला स्टैंड, ड्रेस, बैग, गौरैया का घोंसला, लकड़ी के मंदिर बनाने शुरू कर दिए हैं। 

🔹जल्द ही जेल प्रशासन फोन से डिमांड लेकर शुरू होगी डिलीवरी 

हिमाचल की जेल में बंद कैदी कई उत्पाद बना रहे हैं। ये उत्पाद सस्ते होने के कारण इसकी बाजार में बहुत डिमांड है। इससे जेल मुनाफे में जा रही हैं और कैदियों को भी फायदा हो रहा है। सरकार जेलों को हिमाचल की तर्ज पर विकसित करना चाहती है। इसके लिए जेलों में कारागार श्रम स्वायत्त समिति खोली जा रही हैं। इन समितियों को सरकार फंड भी उपलब्ध कराएगी। साथ ही समितियां कारोबार करने के लिए बैंकों से लोन भी ले सकेंगी। 

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हल्द्वानी उपकारागार में भी समिति का गठन कर लिया गया है। खास बात यह है कि बंदी भी इस समिति का हिस्सा होंगे। मिनी इंडस्ट्री को फौरी मदद के तौर पर सरकार ने एक करोड़ रुपये देने का वादा भी कर दिया है। फिलहाल, राज्य के कारागारों ने अपने स्तर पर इंडस्ट्री को विकसित करना शुरू कर दिया है। हल्द्वानी उपकारागार के बंदी और कैदी इन दिनों लकड़ी के मंदिर, लकड़ी से बने गौरैया के घर, लड़की का चम्मच स्टैंड और गमलों के स्टैंड भी तैयार कर रहे हैं। स्टैंड बनाने के कार्य में तेजी के लिए जेल प्रशासन मशीन भी खरीदेगा। इन दोनों कामों के लिए फिलहाल उप कारागार में 10 कैदी हैं जो जेल में सजा काट रहे हैं। 

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🔹जेल परिसर में बने पार्क में उत्पादों का होगा प्रस्तुतिकरण 

जेल प्रशासन परिसर में एक पार्क विकसित कर रहा है। इस पार्क में कैदियों की ओर से बनाए गए उत्पादों को प्रदर्शित किया जाएगा। यहां पर जेल प्रशासन का नंबर, उत्पादों की दर आदि भी प्रदर्शित होगी जिससे कोई भी उत्पादों की खरीदारी के लिए फोन से ऑर्डर दे सके।

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