कोटाबाग की प्रियंका ने अपनी लोककला से बनाया अपना कैरियर

 

कोटाबाग की प्रियंका ने अपनी लोककला से बनाया अपना कैरियर

 

 

नैनीताल जनपद के देगाँव की रहने वाली प्रियंका तिवारी ने अपने मेहनत व लगन से कुमाउँनी गानों के माध्यम से आज एक अलग जगह बना ली है

 

इन दिनों लोक गायिका प्रियंका का गाने शोसियल मीडिया पर खूब प्रचलित हो रहे हैं

 

दरसल प्रियंका एमबीए पास है पर कई बार प्रयास करने के बाद भी उनको सरकरी नौकरी नहीं मिल पायी इसके बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और वो संघर्ष करती रहीं औऱ आज वो
प्राइवेट स्कूल में नौकरी कर रही है इसके साथ ही वो  लोक गायन भी कर रही है जिसमें आज उनको अच्छी कामयाबी मिल रही है  आज उनके गीत शोसियल मीडिया में खूब प्रचलित हो रहे हैं 33 वर्ष की प्रियंका आज एक प्रसिद्ध लोक गायकी बन गयी है

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कोटाबाग की प्रियंका ने अपनी लोककला से बनाया अपना कैरियर कोटाबाग की प्रियंका ने अपनी लोककला से बनाया अपना कैरियर

उनके परिवार में दो बच्चे हैं और उनके पति प्राइवेट जॉब में कार्यरत हैं
प्रियंका द्वारा आज अपने मेहनत व लगन से अनेक कुमाउँनी गाने गा चुकी हैं इसके साथ ही उत्तराखंड के बड़े बड़े लोककलाकारों के साथ भी गा रही है उत्तराखंड के अनेक मंचो से वो अपनी प्रस्तुति देकर अपनी लोकसंस्कृति को बढ़ावा देने के साथ साथ उन्होंने पढ़े लिखे बेरोजगारों को एक बड़ा सन्देश दिया है कि जीवन मे बड़ी से बड़ी कठनाईयों से हार नहीं माननी चाहिये इंसान को कर्म करते रहना है

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तो उसको एक दिन कामयाबी मिल ही जाती है सामाजिक कार्यकर्ता प्रताप सिंह रीठा गाड़ी ने कहा कि प्रियंका आज उत्तराखंड के उन लोगों के लिये एक प्रेणा है है उन्होंने कहा कि हमारी मातृशक्ति प्रियंका ने जिस प्रकार अपनी लोककला को अपना रोजगार बनाया ऐसे ही हम सबको इसके लिए आगे आना चाहिये

 

 

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