गैरसैंण सत्र महज ‘खानापूर्ति’, चर्चा से भागी सरकार: मनोज तिवारी
गैरसैंण सत्र महज ‘खानापूर्ति’, चर्चा से भागी सरकार: मनोज तिवारी
अल्मोड़ा गैरसैंण भराड़ीसैंण में आयोजित उत्तराखंड विधानसभा के दो दिवसीय अनुपूरक बजट सत्र को लेकर सियासत गरमा गई है। अल्मोड़ा से कांग्रेस विधायक मनोज तिवारी ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए इस सत्र को महज ‘खानापूर्ति’ करार दिया है।
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए विधायक मनोज तिवारी ने कहा कि सरकार ने इतने कम समय का सत्र आयोजित कर जनता के ज्वलंत मुद्दों, विकास कार्यों और भ्रष्टाचार जैसे गंभीर विषयों पर चर्चा से पूरी तरह मुंह मोड़ लिया है।
उन्होंने कहा कि सत्र का पहला दिन शोक संवेदना व्यक्त करने और बजट पेश करने में ही निकल गया। इसके बाद विपक्ष द्वारा नियम-310 और नियम-58 के तहत अतिमहत्वपूर्ण जनहित के मुद्दों पर चर्चा कराने की लगातार मांग की जाती रही, लेकिन सरकार ने इसे सिरे से नजरअंदाज कर दिया।
कांग्रेस विधायक ने सरकार की नीयत पर सवाल उठाते हुए तंज कसा कि करोड़ों रुपये का सरकारी पैसा पानी की तरह बहाकर सरकार के नुमाइंदे वहां सिर्फ ‘पर्यटक’ के रूप में गए और जनता की जेब पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल दिया। उन्होंने कहा कि अगर सरकार सच में पर्वतीय क्षेत्र और जनता की समस्याओं के प्रति गंभीर होती, तो सत्र की अवधि को आगे बढ़ाया जाता।
तिवारी ने बताया कि विपक्ष ने सदन के भीतर और बाहर सत्र की समय-सीमा बढ़ाने की पुरजोर मांग की थी, लेकिन सरकार चर्चा से भागती नजर आई। उन्होंने चेतावनी दी कि जनता के हक और प्रदेश के विकास से जुड़े मुद्दों पर कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी और सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन जारी रखेगी।
