उत्तराखंड के लिए ISRO ने जारी की रिपोर्ट, रुद्रप्रयाग और टिहरी जिले को देश में सबसे ज्यादा खतरा

Landslide Prone 147 Districts: उत्तराखंड के दो पहाड़ी जिलों रुद्रप्रयाग और टिहरी पर भूस्खलन का सबसे ज्यादा खतरा मंडरा रहा है. इसरो (ISRO) के हैदराबाद स्थित नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर (NRSC) की ताजा ‘लैंडस्लाइड एटलस’ की रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है।

भूस्खलन के खतरे वाली सूची में ये जिले टॉप पर हैं –

नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर ने देश भर में लैंडस्लाइड की दृष्टि से संवेदनशील 147 जिलों की लिस्ट जारी की है. इसमें रुद्रप्रयाग पहले और टिहरी दूसरे नंबर पर हैं।

19वें नंबर पर है चमोली

पिछले दिनों जोशीमठ में भूधंसाव के चलते चर्चा में आया चमोली जिला लैंडस्लाइड के खतरे वाले जिलों में 19वें नंबर पर है।रुद्रप्रयाग के आपातकालीन संचालन केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक, जिले में 32 पुराने लैंडस्लाइड क्षेत्र हैं. इनमें सबसे ज्यादा नेशनल हाईवे 107 पर स्थित हैं।इसी तरह से तोताघाटी सहित टिहरी की पहचान बहुत प्राचानी भूस्खलन स्थल के रूप में की गई है।
खास बात ये है कि इस लिस्ट में उत्तराखंड के सभी 13 जिले शामिल हैं. रुद्रप्रयाग और टिहरी जहां पहले और दूसरे स्थान पर हैं, वहीं हरिद्वार और उधम सिंह नगर इस लिस्ट के आखिर में क्रमशः 146वें और 147वें स्थान पर हैं।

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रुद्रप्रयाग में आई थी 2013 की तबाही

लिस्ट में टॉप पर शामिल रुद्रप्रयाग में ही मशहूर केदारनाथ धाम स्थित है।2013 में यहां पर भयंकर आपदा आई थी जिसमें हजारों लोग मारे गए थे।रुद्रप्रयाग का सिरोबगड़ और नारकोटा क्षेत्र भूस्खलन से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। यहां पर पूरे साल लैंडस्लाइड की सूचना मिलती रहती है। वहीं, मानसून के आने पर अधिकांश क्षेत्रों में लैंडस्लाइड के मामलों में तेजी आती है।

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भूकंप के लिहाज से संवेदनशील

उत्तराखंड भूस्खलन के लिहाज से बेहद ही संवेदनशील प्रदेश है. स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर का डाटा बताता है कि 2018 से 2021 के बीच उत्तराखंड में 253 भूस्खलन हुए. इसमें 127 लोगों की मौत हुई. एटलस की रिपोर्ट बताती है कि पिछले दो दशकों में उत्तराखंड में 11,000 से अधिक भूस्खलन दर्ज किए। इनमें अधिकतम भूस्खलन क्षेत्र ऋषिकेश-रुद्रप्रयाग-चमोली-बद्रीनाथ, रुद्रप्रयाग-उखीमठ-केदारनाथ, चमोली-उखीमठ, ऋषिकेश-उत्तरकाशी-गंगोत्री मार्ग पर पड़ते हैं।

लैंडस्लाइड एटलस के अनुसार भूकंप की दृष्टि से उच्च संवेदनशील अन्य जिलों में जम्मू कश्मीर का राजौरी और पुलवामा, केरल का त्रिशूर, पलक्कडड, मलप्पुरम, सिक्किम का दक्षिण सिक्किम और पूर्वी सिक्किम शामिल हैं।

रिपोर्टर – रोशनी बिष्ट